(चंडीगढ़,हरियाणा)15जून,2026.
हरियाणा में आज से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत हो गई है। अगले 30 दिनों तक 20,629 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
हालांकि इस बड़े अभियान के साथ निर्वाचन आयोग को पांच प्रमुख चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। इनमें राजनीतिक दलों की ओर से पर्याप्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त नहीं किया जाना, मेट्रो शहरों में मैपिंग का कार्य पूरा करना, ऊंची आवासीय इमारतों और दूर-दराज की ढानियों तक पहुंचना, प्रत्येक मतदाता से एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाना और मतदाता सूची में गलत या दोहरे नामों को हटाना शामिल है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य में 14 जुलाई तक घर-घर सत्यापन अभियान चलेगा। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे जिसे भरकर और हस्ताक्षर कर वापस देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में वर्ष 2002 के बाद पहली बार इस स्तर पर गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। अभी तक वर्ष 2024 की मतदाता सूची और वर्ष 2002 की सूची के बीच औसतन 64.7 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है। 21 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी, जबकि 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
बड़े स्तर पर सरकारी अमला तैनात:
अभियान की निगरानी के लिए 2,245 सुपरवाइजर, 162 अतिरिक्त निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 489 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी व 89 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी तैनात किए गए हैं। शिकायत या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। शिकायतों का समाधान 24 से 48 घंटे के भीतर होगा।
राजनीतिक दलों ने 31,764 बीएलए किए नियुक्त
भाजपा ने 17,125, कांग्रेस ने 13,736, आम आदमी पार्टी ने 6, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) 307 व इंडियन नेशनल लोकदल ने 289 बीएलए नियुक्त किए हैं। जननायक जनता पार्टी ने 86 व अन्य दलों ने केवल 215 बीएलए नियुक्त किए हैं।
इन चुनौतियों से पाना होगा पार:
-सबसे बड़ी चुनौती ऊंची आवासीय इमारतों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बनाना है। आयोग के अनुसार इसके लिए डीसी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों का सहयोग लेंगे ताकि बीएलओ को परेशानी न हो।
-दूसरी चुनौती प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर फॉर्म भरवाने की है। आयोग के अनुसार बीएलओ प्रत्येक घर पर कम से कम तीन बार संपर्क करेंगे। यदि परिवार के सदस्य घर पर नहीं मिलते हैं तो बीएलओ फॉर्म और अपना संपर्क विवरण छोड़ेंगे ताकि बाद में मतदाता उनसे संपर्क कर सकें।
-तीसरी चुनौती मेट्रो शहरों में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य पूरा करना है। फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला में यह कार्य अपेक्षाकृत धीमा रहा है। आयोग ने इन क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं।
-चौथी चुनौती राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त दलों से बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने की अपील की है। कुछ दलों ने पर्याप्त संख्या में बीएलए तैनात नहीं किए।
-पांचवीं चुनौती मतदाता सूची में दोहरे, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नामों की पहचान कर उन्हें हटाना है। आयोग का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान ऐसे मामलों का निस्तारण किया जाएगा(साभार एजेंसी)
