(कुरुक्षेत्र,हरियाणा)14जुलाई ,2026
आषाढ़ अमावस्या के चलते आज मंगलवार को पवित्र ब्रह्मसरोवर पर हजारों श्रद्वालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। दूर-दराज से आए श्रद्वालुओं ने पहले स्नान किया फिर पूजा अर्चना की।
आषाढ़ अमावस्या का अहम महत्व माना जाता है, जिसके चलते तड़के से ही पवित्र ब्रह्मसरोवर पर दूर-दराज से श्रद्वालु पहुंचना शुरू हो गए थे। श्रद्वालुओं में उत्साह बना रहा और करीब 11 बजे तक ब्रह्मसरोवर पर श्रद्वालुओं की भीड़ जुटी रही। ब्रह्मसरोवर के आसपास मेले जैसा माहौल बना रहा। वहीं श्रद्वालुओं की भीड़ के चलते पुलिसकर्मी भी तैनात रहे तो वहीं ब्रह्मसरोवर के आसपास भंडारों का भी आयोजन किया गया, जहां श्रद्वालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अमावस्या के चलते धर्मनगरी की धर्मशालाओं में भी चहल-पहल बनी रही।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार आषाढ़ अमावस्या को हल्हारिणी अमावस्या भी कहा जाता हैं। इस दिन किसान अच्छी फसल के लिए अपने पितरों के साथ कृषि यंत्रो की भी पूजा करते हैं। मान्यता है कि नदी तालाब में स्नान-दान के अलावा आषाढ़ मास अमावस्या पर देवी लक्ष्मी और विष्णु जी का विशेष अभिषेक करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।(साभार एजेंसी)
