(चंडीगढ़,हरियाणा)24अक्टूबर,2026
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक में प्रदेश में पहली बार लागू होने जा रही पीएम-सेतु योजना के बजट और क्रियान्वयन प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।
पीएम-सेतु यानी प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन योजना (अपग्रेडेड ITI के माध्यम से) का मुख्य मकसद सरकारी ITI से ट्रेनिंग ले चुके युवाओं को इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार तैयार कर न सिर्फ नौकरी दिलाना, बल्कि उन्हें बेहतर वेतन पैकेज उपलब्ध कराना है। यह योजना केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में चलाई जाएगी।
अब बदलेगा ITI का स्वरूप, युवाओं को मिलेगा डबल फायदा
अभी तक ITI के विद्यार्थियों को पुराने कोर्स और पुरानी मशीनों पर प्रशिक्षण मिलने के कारण बाजार में कम वेतन वाली नौकरियां ही मिल पाती थीं। इस योजना से यह तस्वीर बदल जाएगी।
- हब-एंड-स्पोक मॉडल पर होगा अपग्रेडेशन: एक बड़ी ITI को हब बनाया जाएगा और उसके अधीन 8 से 10 अन्य ITI को स्पोक के तौर पर जोड़ा जाएगा, ताकि सभी जगह एक समान हाई-टेक ट्रेनिंग मिल सके।
- कोर्स तय करेगी इंडस्ट्री: अब पाठ्यक्रम उद्योग जगत की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे। मारुति सुजुकी, होंडा, JCB, टाटा जैसी कंपनियों के साथ मिलकर AI, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, CNC और एडवांस वेल्डिंग जैसे नए जमाने के ट्रेड शुरू किए जाएंगे।
- प्लेसमेंट के साथ पैकेज पर फोकस: सरकार ने ITI छात्रों के प्लेसमेंट को 70% से बढ़ाकर 90% तक ले जाने और उनके औसत सैलरी पैकेज में 40 से 50 फीसदी तक इजाफा करने का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार का प्रयास है कि हर हाथ को हुनर मिले और उस हुनर की सही कीमत भी मिले। पीएम-सेतु युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाएगी।
कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर के लिए ₹320.44 करोड़ स्वीकृत
बैठक में कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति दी गई, जिसकी कुल लागत ₹320.44 करोड़ होगी। इसके अंतर्गत कुरुक्षेत्र की प्रमुख ITI को मेगा हब के रूप में डेवलप किया जाएगा, जहां अत्याधुनिक लैब, स्मार्ट क्लासेज और उद्योगों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होंगे। इसका सीधा फायदा कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और यमुनानगर के हजारों युवाओं को मिलेगा।
प्रथम चरण में 20 सरकारी ITI को पीएम-सेतु के तहत अपग्रेड किया जाएगा, जबकि बाद में प्रदेश की सभी 150 से अधिक ITI को इस योजना से जोड़ा जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। (साभार सोशल मीडिया)
