(पटना,बिहार)24अक्टूबर,2026
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बिहार मूल के भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान बिहार के समग्र विकास, पर्यटन की अपार संभावनाओं और राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार मूल के लोग आज देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और यह बिहार के लिए गर्व की बात है।
बैठक में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहां बौद्ध सर्किट में बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थल हैं, जिनका अंतरराष्ट्रीय महत्व है। इसके अलावा इको टूरिज्म के क्षेत्र में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, राजगीर नेचर सफारी, ककोलत जलप्रपात जैसे स्थलों में अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री जी ने विशेष रूप से बिहार के सबसे बड़े लोकआस्था के पर्व छठ महापर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि छठ आज केवल बिहार का नहीं, बल्कि वैश्विक पर्व बन चुका है और इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची तक पहुंचाने और दुनिया भर में इसके महत्व को बताने में विदेश सेवा के अधिकारी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बिहार के उत्पादों जैसे मधुबनी पेंटिंग, भागलपुरी सिल्क, मुजफ्फरपुर की शाही लीची, बिहारी मखाना, मिथिला मखाना, जर्दालू आम को वैश्विक ब्रांडिंग की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने नियुक्ति वाले देशों में बिहार के पर्यटन और उत्पादों के लिए एक ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करें, ताकि विदेशी निवेश, पर्यटक और बाजार बिहार की ओर आकर्षित हों।
अंत में मुख्यमंत्री जी ने बिहार मूल के सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपनी कर्मभूमि में देश सेवा के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास में भी अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी बिहारियों को जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और विदेश में रहने वाले बिहारियों के सहयोग से बिहार को वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। इस दौरान अधिकारियों ने भी बिहार के विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।(साभार सोशल मीडिया)
