उ.प्र.के मेडिकल कॉलेजों की जांच करेगी की टीम,सुधार के लिए देगी सुझाव

Uttar Pradesh

( लखनऊ ,UP )10जुलाई,2025.

उ.प्र.के 35 राजकीय व स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए नई रणनीति अपनाई गई है। अलग-अलग कॉलेजों के दो-दो प्रोफेसर की टीम इन कॉलेजों में जाकर सभी तरह की व्यवस्थाएं देखेगी। साथ ही इसमें सुधार के लिए अपनी राय देगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कॉलेजवार जांच करने के लिए प्रोफेसर की सूची जारी कर दी है। मालूम हो कि मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए थे। दो माह में जांच कराकर सुधार का निर्देश दिया था।

इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने टीमों को निरीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है। इससे न सिर्फ व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि संबंधित कॉलेज में मिली कमियों को लेकर नए सिरे से गाइडलाइन भी बनाई जा सकेगी। ताकि संबंधित कमियां सुधारी जा सकें।

क्या-क्या देखेगी टीम:
आकस्मिक विभाग व ट्राॅमा सेंटर में चिकित्सकों, तकनीकी व नर्सिंग स्टाफ की 24 घंटे उपलब्धता, दवाओं की उपलब्धता, जीवन रक्षक उपकरणों की क्रियाशीलता व डायग्नोस्टिक पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जांचों की आकस्मिक विभाग में व्यवस्था।

चिकित्सालय में दवाओं की समुचित उपलब्धता व उपलब्ध दवा की सूची का डिस्प्ले।

ब्लड बैंक का 24 घंटे क्रियाशील होना।

पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जांच की 24 घंटे सुविधा व रेट लिस्ट डिस्प्ले होना।

आईसीयू की पूर्ण क्रियाशीलता व ऑक्सीजन उपलब्धता की स्थिति।
एंबुलेंस व शव वाहन के चालक की 24 घंटे उपलब्धता व चिकित्सालय परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस/वाहन चिकित्सालय परिसर में क्रियाशील होना।

ऑक्सीजन की अवस्था के लिए एलएमओ, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट (पीएसए) सिलेंडर की क्रियाशीलता व उपलब्धता।

बायोमेडिकल वेस्ट, पर्यावरण कल्ट्रोल आदि के महत्वपूर्ण वैध प्रमाण पत्रों की उपलब्धता व समय-समय पर अनुश्रवण।

चिकित्सालय के वार्डों में पर्याप्त संख्या में बेडशीट व तकिया आदि की व्यवस्था की स्थिति।

चिकित्सालय व कैंटीन में गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता आदि।

स्टाफ की संवेदनशीलता, व्यवहार, यूनीफॉर्म की उपलब्धता, साफ-सफाई की स्थिति।

चिकित्सा शिक्षकों, रेजीडेंट व कर्मचारी की चिकित्सालय व एकेडमिक ब्लॉक में समय पर उपलब्धता। चिकित्सालय परिसर में ओपीडी में चिकित्सकों का रोस्टर व उपस्थिति।

ओपीडी में चिकित्सकों द्वारा जेनरिक दवाईयों लिखी जा रही है या नहीं।

चिकित्सालय परिसर में जन औषधि केन्द्र/अमृत फार्मेसी का 24 घंटे संचालन
चिकित्सालय में दलालों पर प्रतिबन्ध लगाने की स्थिति।

चिकित्सालय परिसर में कुल (पुरुष/महिला) शौचालयों की संख्या, उनकी क्रियाशीलता व साफ-सफाई की स्थिति, दिव्यांगजनों के लिए शौचालयों की स्थिति।

चिकित्सालय परिसर की साफ-सफाई की स्थिति।

चिकित्सालय में एसी/कूलर/पंखे की क्रियाशीलता की स्थिति।
चिकित्सालय परिसर में साफ पेयजल की स्थिति। चिकित्सालय में कुल वाटर कूलर व कितने वाटर कूलर कियाशील है व अक्रियाशील हैं।

चिकित्सालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था की स्थिति तथा वाटर कूलर आदि के क्रियाशील की स्थिति।

छात्रों के शैक्षणिक कार्यों का नियमित रूप से पर्यवेक्षण।
केंद्रीय पुस्तकालय में किताबों व जर्नल्स की उपलब्धता।

छात्रावासों का नियमित रूप से वार्डन व सहायक वार्डन द्वारा स्थलीय निरीक्षण तथा समय समय पर प्रधानाचार्य द्वारा पर्यवेक्षण की स्थिति। छात्रावास की सफाई व शौचालयों की क्रियाशीलता की स्थिति।

अस्पताल परिसर, गर्ल्स हॉस्टल, इमरजेंसी आदि स्थानों में सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती की स्थिति।

प्रधानाचार्य/उप प्रधानाचार्य द्वारा अस्पताल के भ्रमण की स्थिति।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों के कार्यों, साफ-सफाई, भोजन आदि की गुणवत्ता। आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय व भुगतान की स्थिति।
मेडिकल कालेज/संस्थान में अस्पताल प्रशासन के सहयोग के लिए नान पीजी, जेआर के पदों के सापेक्ष एमबीबीएस, बीडीएस जिनके पास अस्पताल प्रशासन की डिग्री है, की तैनाती की स्थिति।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में रोगी कल्याण समिति की क्रियाशीलता की स्थिति।(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *