(वाराणसी,UP)12सितम्बर,2025.
भारत और मॉरीशस के प्रधानमंत्रियों के द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक संभावनाएं बढ़ेंगी। इसी क्रम में लघु उद्योग भारती से जुड़े उद्यमियों और मॉरीशस के उद्यमियों के बीच छावनी स्थित एक होटल में बैठक हुई। दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने की रूपरेखा तय की गई। बैठक में पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों के छोटे उद्यमियों के उत्पादों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की रणनीति तैयार हुई। खासकर निर्यात को प्रोत्साहित करने और एमएसएमई उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर सहयोग देने के लिए ठोस कदम उठाने का वादा किया गया।
बैठक में मॉरीशस के उद्यमियों का प्रतिनिधित्व कर रहे आर्थिक विकास बोर्ड के अध्यक्ष संजय भुंजुन का स्वागत लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष राजेश सिंह ने किया। इस दौरान संगठन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। लघु उद्योग भारती की ओर से चर्चा करते हुए कृष्ण परोलिया और राजेश कुमार सिंह ने कहा कि यह संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अनुषांगिक संगठन है और देश का सबसे बड़ा औद्योगिक संगठन माना जाता है। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य केवल व्यापार तक सीमित नहीं है बल्कि दिल से दिल का संपर्क स्थापित करना भी है, जिससे भारत और मॉरीशस के एमएसएमई उद्यमियों को प्राकृतिक साझेदार की तरह जोड़कर सहयोग दिया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों की सभ्यताओं और सांस्कृतिक विरासत में अद्भुत समानता है। जिस तरह वाराणसी में गंगा मैया का महत्व है, उसी प्रकार मॉरीशस में गंगा तालाब को पवित्रता और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को आधार बनाकर व्यापार और उद्योग जगत में नए अवसरों का विस्तार किया जा सकता है।
बैठक में इन्वेस्ट यूपी पर भी चर्चा हुई। लघु उद्योग भारती ने आश्वस्त किया कि यह संगठन मॉरीशस को निर्यात बढ़ाने और लक्षित क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने में हर संभव सहयोग करेगा। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि छोटे-छोटे एमएसएमई उद्योगों को सहयोग देकर मॉरीशस जैसे देशों में व्यापार को नई दिशा दी जा सकती है। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती संगठन की ओर से दीनानाथ बरनवाल, आशीष श्रीवास्तव, बीएन दुबे और अभिषेक अग्रवाल उपस्थित रहे।(साभार एजेंसी)
