(कन्नौज,UP)12सितम्बर,2025.
इत्र नगरी कन्नौज में शुक्रवार को उद्यमियों का महाकुंभ होगा, जिसमें उद्योग जगत की हस्तियां जुटेंगी तो शासन से संवाद भी होगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है। यह क्षेत्र न केवल नवाचार को प्रोत्साहित करता है, बल्कि रोजगार सृजन में भी अहम योगदान दे रहा है। साथ ही, स्थानीय और क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान कर रहा है।
देशभर में एमएसएमई के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, फाइनेंस तक आसान पहुंच, सप्लाई चेन का आधुनिकीकरण, निर्यात क्षमता, कौशल विकास और नीतिगत सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से विचार-विमर्श के लिए अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहा है। शहर के मकरंदनगर स्थित होटल एमएल पैलेस में शुक्रवार को दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक काॅन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसमें उद्योग, व्यापार और विकास के क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख उद्यमी, व्यापारी व प्रबुद्ध लोग प्रतिभाग करेंगे।
कार्यक्रम में ये लोग रहेंगे मौजूद
कार्यक्रम में सदर विधायक एवं प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री समाज कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण मुख्य अतिथि होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार होंगे। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विशेषज्ञ के रूप में पूर्व सांसद एवं उद्योगपति सुब्रत पाठक, सुरस एवं सुगंध विकास केंद्र (एफएफडीसी) के प्रधान निदेशक डॉ. शक्ति विनय शुक्ल, जिला उद्योग एवं उद्यमिता प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त धनंजय कुमार सिंह भी माैजूद रहेंगे।
स्थानीय उद्यमियों के विकास पर होगी परिचर्चा:
कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में कल के एमएसएमई विषय पर चर्चा होगी। इस दौरान हरदोई जिले के संडीला के इंदु वैष्णव इंडस्ट्री के चेयरमैन लक्ष्मी रमन शुक्ल, द अतर्स एंड परफ्यूमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी, ग्लोबल फोरम फॉर कन्नौज इत्र उद्योग के चेयरमैन विवेक नारायण मिश्र स्थानीय उद्यमियों के विकास और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में खड़ा करने के उपायों पर अपने विचार साझा करेंगे।
स्थानीय अवसर और चुनौतियों को भी तलाशेंगे उद्यमी:
कॉन्क्लेव के तृतीय सत्र में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग संघ फर्रुखाबाद के महासचिव कपिल साध, लघु उद्योग भारती कन्नौज के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, लघु उद्योग भारती हरदोई के अध्यक्ष सजीव अग्रवाल एमएसएमई क्षेत्र की समस्याओं जैसे वित्तीय सहायता की कमी, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के अवसर, तकनीकी उन्नयन और सरकारी नीतियों में सुधार पर विचार रखेंगे।
ओडीओपी को गति देगा काॅन्क्लेव
चर्चा का मुख्य फोकस भविष्य की फंडिंग व्यवस्था, मार्केटिंग और ब्रांडिंग की नई रणनीतियां, उभरती तकनीकें, नवाचार वित्तीय विकल्प, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन होगा। इसके साथ ही महिलाओं की भागीदारी, भारतीय एमएसएमई के वैश्विक विस्तार और वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उपाय भी एजेंडा में शामिल रहेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई सेक्टर को और मजबूत बनाना है ताकि वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने में सक्षम हो सके। (साभार एजेंसी)
