बेसिक शिक्षा-शर्तों का नहीं किया उल्लंघन,तो तीन साल बाद स्वत:मिलेगी स्थायी मान्यता

Uttar Pradesh

(लखनऊ,UP)11अक्टूबर,2025.

उत्तर प्रदेश में 2013 से 2019 के बीच के बेसिक शिक्षा विभाग से अशासकीय प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल की हिंदी-अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों की मान्यता के कई मामले लंबित थे। विभाग ने तीन साल में मान्यता शर्तों का किसी तरह उल्लंघन न करने वाले विद्यालयों को स्वत: स्थायी मान्यता मिलने के निर्देश दिए हैं। किंतु तीन साल की औपबंधिक मान्यता अवधि पूरी करने के बाद भी यह भटक रहे थे।

उ.प्र.शासन की ओर से 2013 में यह व्यवस्था तय की गई थी कि विद्यालयों को तीन साल के लिए औपबंधिक मान्यता दी जाएगी। इस दौरान मान्यता शर्तों का उल्लंघन न होने पर तीन साल बाद यह मान लिया जाएगा कि विद्यालय को स्थायी मान्यता मिल गई है। किंतु 2019 में इससे जुड़ा शासनादेश संशोधित कर दिया गया। अब विद्यालयों को किसी न किसी तरह की कमी बताकर साल दर साल मान्यता बढ़ाई जाने लगी।

बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि शासन के निर्देश पर निजी प्रबंध तंत्र के अधीन चल रहे विद्यालयों को 2013 में औपबंधिक मान्यता दी गई है।यदि इन्होंने तीन साल में कोई उल्लंघन नहीं किया है तो ऐसे विद्यालयों को स्थायी मान्यता मिल जाएगी।उन्होंने यह भी बताया कि 2019 के बाद यह व्यवस्था तय कर दी गई है कि विद्यालयों को एक साल की औपबंधिक मान्यता दी जाएगी।
शासन व बेसिक शिक्षा विभाग को मिली हैं मनमानी की शिकायतें
शासन के इस निर्णय से काफी निजी विद्यालय संचालकों को राहत मिलेगी। इनको मान्यता संबंधित प्रकरण के लिए अनावश्यक अधिकारियों, खासकर बीएसए के चक्कर नहीं काटने होंगे। कई जिलों में मान्यता संबंधित मामलों में बीएसए की मनमानी की शिकायतें शासन व बेसिक शिक्षा विभाग को मिली हैं।(साभार एजेंसी

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