‘तकनीक से जीते जाएंगे युद्ध’-बोले UPSC प्रमुख

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(नई दिल्ली)30नवंबर,2025.

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 149वें कोर्स के दीक्षांत समारोह में देश के भविष्य के सैन्य नेतृत्व को तैयार करने की एक सशक्त तस्वीर देखने को मिली। यूपीएससी के चेयरपर्सन डॉ. अजय कुमार ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि आज के समय में भारत को केवल योद्धाओं की नहीं, बल्कि ऐसे ‘स्कॉलर वारियर्स’ की जरूरत है, जो बदलते वैश्विक सुरक्षा वातावरण में बुद्धिमत्ता और साहस के साथ नेतृत्व कर सकें। समारोह में 328 कैडेट्स पास आउट हुए, जिनकी उपलब्धियों ने इस प्रतिष्ठित संस्थान की गौरवशाली परंपरा को एक बार फिर मजबूत किया।

डॉ. कुमार ने कहा कि एनडीए की स्थापना सिर्फ एक सैन्य संस्थान की तरह नहीं हुई थी, बल्कि इसे राष्ट्रीय चरित्र निर्माण का केंद्र माना गया था। उन्होंने कहा कि कैडेट्स देश की बहुलतावादी सोच और नैतिक ताकत के प्रतीक हैं। उनके अनुसार, आधुनिक संघर्ष सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि विचारों, नवाचार और नैतिक शक्ति से लड़े जाते हैं। उन्होंने गलवान और बालाकोट के उदाहरण देकर बताया कि कैसे भारतीय सेनाओं ने बुद्धिमत्ता, धैर्य और सटीक निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि असली नेतृत्व वही है जो संकट के क्षण में संयम, स्पष्ट सोच और नैतिक शक्ति से निर्णय लेता है।

नेतृत्व का असली पैमाना
डॉ. कुमार ने जोर देकर कहा कि आने वाले वर्षों में इन कैडेट्स पर देश की दिशा तय करने की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने चेताया कि नेतृत्व केवल अधिकार से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और उदाहरण से स्थापित होता है। उन्होंने कहा कि जब परिस्थितियां कठिन होंगी, तब आपकी ईमानदारी ही मार्गदर्शक बनेगी। उनका संदेश यह था कि सैन्य अधिकारी होने का अर्थ सिर्फ युद्धभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि वे देश की कूटनीति, नीति-निर्माण और राष्ट्रीय हितों की रक्षा से भी गहराई से जुड़े होते हैं।

तकनीक आधारित युद्ध का दौर
यूपीएससी प्रमुख ने भविष्य की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाला युद्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर क्षमताओं, स्पेस-टेक्नोलॉजी और नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस से जुड़ा होगा। उन्होंने कहा कि कैडेट्स को अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए निरंतर ज्ञान अर्जित करना होगा। ज्ञान और तकनीक के इस नए दौर में वही उत्कृष्ट नेतृत्व कर सकेगा, जो नवाचार और रणनीतिक सोच को साथ लेकर चलेगा।

एनडीए में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स
दीक्षांत समारोह में कुल 328 कैडेट्स को डिग्री प्रदान की गई। इनमें जेएनयू से 216 कैडेट्स को बैचलर डिग्री दी गई। 72 साइंस, 92 कंप्यूटर साइंस और 52 आर्ट्स स्ट्रीम में। इसके अलावा 18 विदेशी कैडेट्स को भी डिग्री मिली। नौसेना और वायुसेना के 112 बीटेक कैडेट्स को तीन वर्षीय कोर्स पूरा करने का प्रमाणपत्र दिया गया।

इनमें अंतिम वर्ष पूरा करने के बाद बीटेक डिग्री मिलेगी। कैडेट कार्तिक महेश्वरी ने साइंस स्ट्रीम में 8.11 एफजीपीए के साथ टॉप किया। कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम में कैडेट अनन्या ने 8.36 एफजीपीए, जबकि सोशल साइंस स्ट्रीम में कैडेट अनुराग गुप्ता ने 7.44 एफजीपीए हासिल किया। बीटेक स्ट्रीम में कैडेट विश्वेश भालेरे ने 8.05 सीजीपीए के साथ पहला स्थान पाया।

देश के भविष्य का दायित्व
अंत में डॉ. कुमार ने कहा कि भारत जब भी वैश्विक उथल-पुथल के समय दिशा खोजेगा, तो वह इन्हीं अधिकारियों की ओर देखेगा। उन्होंने कैडेट्स को याद दिलाया कि वे देश की मर्यादा, शांति और समृद्धि के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य उन्हीं के कंधों पर टिका है,और देश उम्मीद करता है कि वे ज्ञान, विवेक, नैतिकता और साहस के साथ राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे।(साभार एजेंसी)

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