(लखनऊ,UP)7फरवरी,2026.
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के बाद उत्तर प्रदेश में डॉग शेल्टर होम व एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए जमीन चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्यवाही जारी है। आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है। सभी जनपद मुख्यालयों और नगर निगमों पर यह सेंटर बनाए जाने हैं।
शासन ने निर्देश दिया है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक व स्थायी तरीके से किया जाए। डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की प्रभावी व्यवस्था से पशु कल्याण को मजबूती मिलेगी। साथ ही आमजन भी सुरक्षित महसूस करेंगे।
वहीं, नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित या फिर प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ ही डॉग शेल्टर होम भी विकसित किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही भूमि उपलब्ध कराने और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान
एक शेल्टर होम बनाने में 470 लाख से लेकर 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान है। इसमें शेल्टर होम की क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट, तहसील सोरांव में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। लखनऊ नगर निगम में भूमि की उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। वहीं अन्य नगर निगमों से भी सूचना प्राप्त की जा रही है।
इन जिलों में ली गई जमीन
ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर तथा फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि एबीसी सेंटर एवं डॉग शेल्टर होम के लिए चिह्नित कर ली गई है। शेष जनपदों से सूचनाएं प्राप्त होते ही वहां भी भूमि चिह्नीकरण और परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।(साभार एजेंसी)
