(लखनऊ,UP)15मार्च,2026.
उत्तर प्रदेश में राजकीय विद्यालयों के बाद अब अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को भी प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत आधुनिक क्षेत्रों के व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से पहली बार 700 से अधिक एडेड कॉलेजों में इसकी शुरुआत की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए इसे अप्रैल तक पूरी तरह प्रभावी किया जाएगा।
कौशल विकास मिशन द्वारा पहले से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट प्रवीण संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अब इसे एडेड माध्यमिक विद्यालयों तक भी विस्तारित किया जा रहा है। इसके तहत मिशन की ओर से 260 से अधिक ट्रेनिंग पार्टनर्स को विभिन्न क्षेत्रों में 1.10 लाख छात्रों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य दिया गया है। सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को 30 अप्रैल तक प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मिशन द्वारा अलग-अलग प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को 140 से 210 छात्रों तक का लक्ष्य आवंटित किया गया है। एडेड स्कूलों में प्रोजेक्ट प्रवीण का विस्तार यहां के लाखों युवाओं के रोजगार के सपनों को साकार करने में सहायक होगा। इन विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के छात्र पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक व्यवसायों का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनके करियर की राह आसान होगी। प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा आवंटित क्षेत्रों में छात्रों को अधिकतम 250 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संस्थाओं को निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा करना होगा। प्रशिक्षण बैच शुरू होने के पहले दिन ही छात्रों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, कुछ विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा केंद्र बनने के कारण कौशल प्रशिक्षण शुरू करने की तिथि 15 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में दिया जाएगा प्रशिक्षण :
एडेड माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को कृषि, अपैरल, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यावरण विज्ञान, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, पावर, मैनेजमेंट, आईटी, हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट एंड कार्पेट तथा ग्रीन जॉब्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्किल डेवपल करने की कोशिश
राजकीय विद्यालयों के बाद एडेड माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कौशल से जोड़ना हमारे मिशन का महत्वपूर्ण कदम है। हम स्कूलों को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं, ताकि शिक्षा पूरी होते ही छात्र रोजगार के लिए तैयार हों। अप्रैल तक इसे पूरी तरह प्रभावी बनाया जाएगा। – पुलकित खरे,मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन(साभार एजेंसी)
