(प्रयागराज,UP) 28मार्च,2026.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झूठा वादा कर अवैध संबंध बनाने और बाद में विवाह से इन्कार करने से जुड़े मामले में बरेली पुलिस की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई। ऐसे में कोर्ट ने डीजीपी और प्रमुख सचिव (गृह) को निर्देश दिया कि ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, जिससे थाना स्तर के पुलिस कर्मियों को कानून की बेहतर जानकारी मिल सके और वे मामलों को सही ढंग से संभाल सकें। साथ ही बरेली के एसएसपी को भी निर्देश दिया कि संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत कर सके।
यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी की एकल पीठ ने शिवम सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में आरोपी ने निचली अदालत में दर्ज गालीगलौज और दहेज उत्पीड़न के मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है। उसका कहना है कि दर्ज एफआईआर में किसी अपराध का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
वहीं, पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर अवैध संबंध बनाए और बाद में विवाह से मुकर गया। आरोपी ने सरकारी नौकरी का लालच देकर अवैध संबंध बनाए रखा। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के बयान से गंभीर आरोप सामने आते हैं। लेकिन, एफआईआर में दुष्कर्म का उल्लेख नहीं किया गया। यह पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। 27 अप्रैल मामले की सुनवाई होगी।(साभार एजेंसी)
