(नई दिल्ली)23मई,2026.
लद्दाख अभियान से जुड़े सोनम वांगचुक ने शनिवार को केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत में सार्थक प्रगति के संकेत दिए। यह बातचीत लद्दाख की लंबे समय से लंबित लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की मांगों को लेकर हुई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है
वांगचुक ने बताया कि लद्दाख हमेशा से संविधान के अनुच्छेद 244 और छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा तथा राज्य का दर्जा मांगता रहा है। सरकार ने अनुच्छेद 371 के तहत इसी तरह की सुरक्षा देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे निर्वाचित विधानसभा के बिना लागू नहीं किया जा सकता। गृह मंत्रालय में हुई बैठक के नतीजे को उन्होंने ‘सैद्धांतिक सहमति’ बताया। केंद्र शासित प्रदेश में लोकतंत्र बहाल करने के लिए एक विशेष विधायी निकाय बनाने पर व्यापक सहमति बनी है।
इस निकाय को कार्यकारी, वित्तीय और कानून बनाने की शक्तियां दी जाएंगी, जबकि सुरक्षा प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 371 की तर्ज पर होंगे। बैठक में कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस और लेह एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधि शामिल हुए। ये दोनों संगठन 2019 में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से अधिक स्वशासन की मांग कर रहे हैं।(साभार एजेंसी)
