(चंडीगढ़,हरियाणा)24मई,2026.
हरियाणा में वन विभाग ने जंगल में अवैध गतिविधियों के खिलाफ जुर्माना कानून में बड़ा बदलाव किया है। कई मामलों में जुर्माना साल 2017 के मुकाबले अब 5 से 10 गुना तक बढ़ा दिया है। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) कार्यालय पंचकूला ने सभी डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसरों (डीएफओ) को नए आदेश जारी किए हैं। नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
वन विभाग के अनुसार भारतीय वन अधिनियम की धारा-68 और हरियाणा फॉरेस्ट मैनुअल के नियमों के तहत यह संशोधन किया गया है। आदेश में कहा गया है कि जंगलों में बढ़ रहे अवैध कटान और खनन को रोकने के लिए जुर्माने में सख्ती जरूरी थी। जंगल में पेड़ों के अवैध कटान, अवैध खनन, पशु चराने और वन उत्पाद चोरी जैसे मामलों में लगने वाले जुर्माने की दरों को बढ़ा दिया है।
अवैध चराई पर 500 से बढ़ाकर तीन हजार किया जुर्माना:
आदेश के मुताबिक अवैध चराई पर पहले भैंस या ऊंट के लिए 500 रुपये तक जुर्माना था जिसे अब बढ़ाकर तीन हजार रुपये तक कर दिया गया है। जंगल से घास, लकड़ी काटने पर एक ट्रक लोड का जुर्माना दो हजार रुपये से बढ़कर 50 हजार रुपये तक कर दिया है। अवैध खनन में ट्रक पर पहले 10 हजार रुपये तक जुर्माने की कार्रवाई होती थी लेकिन अब 30 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। जेसीबी जब्त होने पर जुर्माना राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई। नगर सीमा और हाईवे किनारे वन भूमि तोड़ने पर जुर्माना 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर.
रात में पकड़े जाने पर दोगुना जुर्माना:
वन क्षेत्र में रात के समय अवैध गतिविधियों में पकड़े जाने पर दोगुना जुर्माना लगेगा। नगर सीमा और हाईवे किनारे वन भूमि तोड़ने पर अब 2000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक वसूले जाएंगे। बांस की अवैध कटाई पर प्रति पीस 200 रुपये जुर्माना तय किया गया है। कोयला बनाने की भट्ठी पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना होगा। गोंद निकालने पर प्रति पेड़ 500 रुपये वसूले जाएंगे। कुल्हाड़ी, आरी और अन्य औजार जब्त होने पर 200 से 10 हजार रुपये तक जुर्माने की राशि तय की गई है। मोटरसाइकिल जब्ती पर 30 हजार, ट्रैक्टर पर 60 हजार और डंपर पर 1.25 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा(साभार एजेंसी)
