(नई दिल्ली)27मई,2026
दक्षिण अफ्रीका में रूसी दूतावास ने कहा है कि रूस के वैज्ञानिकों ने इबोला वायरस के सबसे नए स्ट्रेन के खिलाफ एक नई वैक्सीन तैयार की है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने इस उपलब्धि की घोषणा की। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह वैक्सीन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो में हाल ही में फैले दुर्लभ ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन के खिलाफ भी असरदार हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) ने इस महीने की 17 तारीख को ‘अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों’ के तहत, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो और युगांडा में इबोला के प्रकोप को ‘वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित कर दिया।
इधर देश में हाल ही में, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने भी, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किए जाने के बाद, एयरलाइनों के लिए एक ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ जारी की है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा कि युगांडा और कांगो से आने-जाने वाली उड़ानों का संचालन करने वाली एयरलाइनों के लिए यह अनिवार्य है कि वे यात्रियों के विमान से उतरने से पहले, उनसे ‘स्व-घोषणा पत्र’ अनिवार्य रूप से भरवाएं।
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ ने भी इस प्रकोप को पूरे महाद्वीप के लिए एक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी देशों को सलाह दी है कि वे प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की जांच (स्क्रीनिंग) को और अधिक सख्त करें, और उन जगहों की यात्रा करने से बचें जहां ‘बुंडीबुग्यो’ वायरस पाया गया है। दक्षिण सूडान सहित, कांगो के पड़ोसी देशों में इस संक्रमण के फैलने का खतरा सबसे अधिक माना जा रहा है।
इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है। फिलहाल, ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन के लिए विशेष रूप से तैयार की गई कोई भी आधिकारिक रूप से स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है।(साभार)
