(नई दिल्ली)02जून,2026
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा का परिणाम आने के 15 दिन बाद भी हजारों विद्यार्थी मूल्यांकन प्रक्रिया यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पर सवाल उठा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं के आखिर 40 करोड़ पन्ने स्कैन कैसे किए गए।
विद्यार्थी सोशल मीडिया पर लगातार उत्तर पुस्तिका की ब्लर यानी धुंधली स्कैन कॉपी मिलने का आरोप लगा रहे हैं। कई विद्यार्थियों का सप्लीमेंट्री कॉपी गायब होने का भी आरोप है। मगर, सीबीएसई ने जवाब नहीं दिया।
40 करोड़ पन्ने कैसे स्कैन किए?
17 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। बोर्ड अधिकारियों ने कहा था कि 98 लाख कॉपियों की ओएसएम से जांच कराई गई। अधिकतर कॉपियां 35 से 40 पेजों की होती हैं। सूत्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान मुख्य उत्तर पुस्तिका के बाद ज्यादातर बच्चे सप्लीमेंट्री कॉपी मांगते हैं, जो एक-दो या तीन हो सकती हैं। ऐसे में औसत देखें तो प्रति विद्यार्थी करीब 40 पेजों की कॉपी रही होगी।
सभी कॉपियों की गिनती की जाए तो 40 करोड़ पन्ने स्कैन करने पड़े होंगे। बच्चे-अभिभावकों से लेकर विशेषज्ञ भी सवाल उठा रहे हैं कि इतनी अधिक कॉपियां और पन्ने एकसाथ स्कैन कैसे किए गए। कैसे निगरानी हुई।
सीबीएसई कर रहा समाधान का दावा, लेकिन राहत नहीं
ओएसएम प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों के बीच सीबीएसई की ओर से बच्चों की शिकायतों के समाधान का लगातार दावा कर रहा है, पर बच्चों को परेशानी से राहत नहीं मिल पा रही। गौरतलब है कि अभी तक चार लाख से ज्यादा विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि सैकड़ों विद्यार्थी स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं नहीं मिलने के कारण आवेदन करने से अब भी वंचित हैं(साभार एजेंसी)
