जवानों-पुलिस अफसरों को मिला शौर्य चक्र

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(नई दिल्ली)08जून,2026

राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह में सोमवार को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। भारतीय सेना के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में एक सैन्य अभियान के दौरान असाधारण साहस दिखाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। वहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस के निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख को राज्य में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस दिखाने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया है।

कर्नल नितेश भारती भी शौर्य चक्र से सम्मानित:
सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्होंने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास तीन आतंकवादियों को मार गिराते हुए असाधारण साहस और वीरता का प्रदर्शन किया। लेफ्टिनेंट कर्नल शुक्ला सिख रेजिमेंट की 19वीं बटालियन से हैं।

दिलना ए और रूपा को भी शौर्य चक्र
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और रूपा ए को नविका सागर परिक्रमा-II अभियान के दौरान असाधारण साहस, समुद्री कौशल और अद्भुत धैर्य दिखाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया।

राइफलमैन ध्रुबा ज्योति दत्ता और नायक राहुल सिंह को उनकी असाधारण बहादुरी, साहस और कर्तव्य-निष्ठा के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा, मेजर शिवंत यादव और लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भरत शुक्ला को उनके असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और देश के लिए विशिष्ट सेवा के सम्मान में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

सिपाही मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित:
वहीं, सिपाही जांजल प्रवीण प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्हें राष्ट्र की सेवा में असाधारण वीरता, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

वीर चक्र से किन लोगों को सम्मानित किया गया?
नायब सूबेदार सतीश कुमार को उनकी असाधारण वीरता, अटूट साहस और कर्तव्य-पालन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट, विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) जॉय चंद्रा, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा और ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू को असाधारण वीरता, साहस और विशिष्ट सेवा के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

समारोह में भावुक कर देने वाला पल:
राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान जब एक बलिदानी जवान को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया, तो सम्मान लेने आईं उनकी माता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगीं। इस भावुक दृश्य को देखकर खुद राष्ट्रपति की भी आंखें नम हो गईं।(साभार एजेंसी)

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