(चंडीगढ़,पंजाब)09जून,2026.
पंजाब को स्टार्टअप हब बनाने के लिए सरकार और जोर लगाएगी। इसके लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया मिलेगा। यह आर्थिक प्रोत्साहन अब नई औद्योगिक पॉलिसी-2026 के तहत दिया जाएगा। इसकी शुरुआत मंगलवार को सीएम श्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में की। यहां पंजाब से जुड़े 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ की आर्थिक मदद के चेक वितरित किए गए। इस दौरान सीएम मान ने आह्वान किया कि युवा नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्हें फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
इस मौके पर सीएम ने कहा,सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे, जिससे राज्य के अंदर ही नौकरियों और कमाई के अवसर पैदा हों। उन्होंने बताया कि पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 के तहत इस आर्थिक प्रोत्साहन को बढ़ाकर 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसी के तहत सात स्टार्टअप्स को 5-5 लाख और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की ग्रांट दी गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उद्यम रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरियों की तलाश में विदेश जाने के रुझान को कम करने में मदद करेंगे।
सीएम ने मान ने कहा,पंजाबी अपनी मेहनत, जज्बे और उद्यम के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ कारोबार नहीं चला रहे, वे पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं। चयनित स्टार्टअप्स खेतीबाड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, शासन, टेक्सटाइल और विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं।
इनोवेशन इको-सिस्टम (नवीनतम प्रणाली) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, स्टार्टअप के लिए सहायता राशि प्रदान करने का उद्देश्य स्टार्टअप्स पर आने वाले शुरुआती बोझ को कम करना। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नवाचार के केंद्र बनना चाहिए जहां विचार क्लासरूम से परे उत्पाद, सेवाएं, कंपनियां और समाधान की नींव बनते हैं।
सीएम बोले-आप भी एक राजनीतिक स्टार्टअप:
मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान ने कहा आम आदमी पार्टी (आप) भी एक राजनीतिक स्टार्टअप है, जो खुद एक ऐसे विचार से पैदा हुई थी जब देश में परिवारवाद की राजनीति का दबदबा था। आम आदमी को अनदेखा कर दिया गया था। चुनाव चिह्न झाड़ू भी आम आदमी की दिनचर्या से लिया गया। उसके बाद पंजाब में साल 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को मौका दिया। उस फैसले ने पंजाब को बदल दिया है और इसे देश का एक अग्रणी राज्य बना दिया है।
युवक के सवाल पर ‘कुल्फी गरमा गरम’ का उदाहरण:
इस दौरान सीएम मान जब स्टार्टअप्स के प्रोत्साहित कर रहे थे तभी श्रोताओं में से एक युवक उठा और उसने कहा कि उसने सरकारी नौकरी छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया है मगर उसका स्टार्टअप इसमें शामिल नहीं हो पाया। इस पर सफलता का मंत्र देते हुए सीएम ने उस युवक से कहा कि वे डटा रहे व अपने स्टार्टअप को और अपग्रेड करे, निश्चित तौर पर वे अगली बार सफल होगा। सीएम ने अपना खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि बतौर कलाकार उन्होंने भी ‘कुल्फी गरमा गरम’ कॉमेडी सीरीज का स्टार्टअप शुरू किया था। लोग पूछते थे कि कुल्फी गरमा गरम कैसे हो सकती है तो उन्होंने कार्यक्रमों में कई उदाहरणों के साथ लोगों को यह मानने पर मजबूर कर दिया कि ‘काहे की शर्म, कुल्फी गरमा गरम।’(साभार एजेंसी)
