सीएम सैनी का ऐलान :ग्रामीण स्वच्छता पर बढ़ेगा फोकस

Hariyana

(चंडीगढ़,हरियाणा)09जून,2026.

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित ‘सशक्त पंचायत समारोह’ में पंचायतों के विकास कार्यों के लिए 1,056.75 करोड़ रुपये जारी किए। 179 गांवों में एलईडी स्ट्रीट लाइट और 350 ई-अटल पुस्तकालयों का लोकार्पण भी किया गया।

मुख्यमंत्री सैनी ने सभी गांवों को 2 अक्टूबर तक ODF प्लस मॉडल गांव बनाने का लक्ष्य भी दोहराया है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए हर गांव में ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री सैनी ने मंगलवार को घोषणा की कि ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार प्रत्येक गांव में ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही सरकार वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी काम कर रही है।

179 गांवों में एलईडी स्ट्रीट लाइट और 350 ई-अटल लाइब्रेरी का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों (परिधीय सड़कों) पर 23.21 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग का उद्घाटन किया। इसके अलावा 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 350 ई-अटल लाइब्रेरी भी जनता को समर्पित कीं।

सीएम सैनी ने पंचायत राज संस्थाओं के खातों में विकास कार्यों के लिए सीधे 1,056.75 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। साथ ही विकास, स्वच्छता और सुशासन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली छह ग्राम पंचायतों को ‘जागृत ग्राम पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया तथा उन्हें कुल 1.66 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

गांव और पंचायतें ही भारत की असली ताकत:
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में रही है तथा ‘पंच परमेश्वर’ की परंपरा ने सदियों से लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवित रखा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गांवों को विकास का सक्रिय भागीदार बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। इसी प्रतिबद्धता के तहत विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है।

गांवों को विकास का पहला केंद्र बनाया गया:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांवों को नीति क्रियान्वयन के अंतिम बिंदु से विकास के प्रथम केंद्र में परिवर्तित किया है। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण अब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिससे सेवा, सुशासन और जनकल्याण का नया दौर शुरू हुआ है।

शामलात भूमि पर रहने वालों को बड़ी राहत:
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण निवासियों को राहत देते हुए घोषणा की कि जो परिवार पिछले 20 वर्षों से गांव की शामलात भूमि पर बने मकानों में रह रहे हैं, वे अब निर्धारित नियमों के तहत अगले वर्ष 16 जनवरी तक स्वामित्व अधिकार के लिए आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को वर्ष 2004 की कलेक्टर दर के आधार पर निर्धारित भूमि मूल्य का डेढ़ गुना भुगतान करना होगा। सैनी ने बताया कि दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लाभार्थी आवेदन नहीं कर पाए थे, इसलिए सरकार ने उन्हें अतिरिक्त अवसर प्रदान किया है।

98 प्रतिशत गांव बने ODF प्लस:
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के 98 प्रतिशत से अधिक गांव ODF प्लस का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं और 2 अक्टूबर तक सभी गांवों को ODF प्लस मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांवों को विकास का केंद्र बनाने में सरपंचों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। गांव स्तर की समस्याओं का समाधान केवल सरकार की नहीं बल्कि निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है।

पंचायतों की वित्तीय ताकत बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों की वित्तीय सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए स्टांप शुल्क राजस्व का हिस्सा तथा बिजली खपत शुल्क का दो प्रतिशत सीधे पंचायत खातों में जमा किया जा रहा है।

नशा-मुक्त गांव और पराली न जलाने की अपील:
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान चला रही है। उन्होंने सरपंचों से अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।(साभार एजेंसी)

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