(नई दिल्ली)25जून,2026
पूर्वी दिल्ली की जीवनरेखा और 52 एकड़ में फैली संजय झील अब अपने पुराने गौरव को हासिल करेगी। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने झील और उसके आसपास के 165 एकड़ संरक्षित वन क्षेत्र के पुनरुद्धार कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि इस प्राकृतिक संपदा को उसकी पुरानी चमक वापस लौटाना नॉन-नेगोशिएबल (अपरिहार्य) है। एलजी ने दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वे मिशन मोड में काम करते हुए दल्लूपुरा एसटीपी से उपचारित पानी की निरंतर आपूर्ति यहां सुनिश्चित करें, ताकि झील का जलस्तर बना रहे।
विभागीस सुस्ती नहीं चलेगी:
काम में देरी को रोकने के लिए उपराज्यपाल ने डिपार्टमेंटल साइलोस (विभागीय खींचतान) को खत्म करने की बात कही है। उन्होंने पार्क के प्रबंधन में स्थानीय आरडब्ल्यूए को शामिल करने और सीएसआर फंड का उपयोग करने का सुझाव दिया है। उनका विजन है कि संजय झील न केवल एक पर्यटन स्थल बने, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक लचीला और टिकाऊ ब्लू-ग्रीन एसेट साबित हो।(साभार एजेंसी)
