(लखनऊ,UP)03जुलाई,2026
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) कलेक्शन के जून माह की रिपोर्ट में जहां एक ओर देश भर में जीएसटी कलेक्शन 13.9 फीसदी बढ़ा है, वहीं प्रयागराज समेत सूबे के पांच बड़े औद्योगिक व व्यापारिक जोन राजस्व के मोर्चे पर पिछड़ गए हैं। प्रयागराज जोन का संग्रह पिछले साल की तुलना में 2.02 फीसदी घट गया।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में प्रयागराज जोन का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। प्रयागराज जोन को इस महीने के लिए 587.78 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन इसके मुकाबले विभाग मात्र 292.82 करोड़ रुपये ही वसूल पाया।
यह कुल मासिक लक्ष्य का महज 49.82 प्रतिशत है। चिंता की बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-2026 के जून महीने में प्रयागराज ने 298.86 करोड़ रुपये का संग्रह किया था, जिसकी तुलना में इस बार राजस्व में 2.02 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के कारण प्रयागराज जोन अपने वार्षिक लक्ष्य 7,065.05 करोड़ रुपये के सापेक्ष अब तक मात्र 15.66 प्रतिशत की ही प्राप्ति कर सका है। कर और वित्त सलाहकार प्रतीक मालवीय का मानना है कि प्रयागराज में निर्माण गतिविधियों में आई सुस्ती और स्थानीय स्तर पर बड़े व्यावसायिक लेन-देन में कमी के चलते यह गिरावट देखी जा रही है।
सहारनपुर और लखनऊ ने चौंकाया, गाजियाबाद सबसे नीचे:
प्रदेश भर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सहारनपुर जोन 58.38 प्रतिशत की रिकॉर्ड मासिक वृद्धि के साथ नंबर वन पर रहा है। वहीं लखनऊ-2 ने भी 57.64 प्रतिशत की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया है। नोएडा भी 31.87 फीसदी की वृद्धि के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से बना हुआ है। इसके विपरीत, गाजियाबाद-1 जोन की स्थिति सबसे खराब रही, जहां पिछले साल की तुलना में राजस्व में 12.90 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसी तरह कानपुर-1 भी 2.94 प्रतिशत, गाजियाबाद-2 में 0.82 प्रतिशत और आगरा 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ घाटे में रहे हैं।
जीएसटी कलेक्शन पर समीक्षा की जा रही है। सीमेंट से मिलने वाले कलेक्शन में थोड़ी कमी दिखी है। जुलाई माह में कलेक्शन बेहतर होने की उम्मीद है। -राम प्रवेश ,एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन(साभार एजेंसी)
