(संभल,UP)18जुलाई,2026.
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बहजोई के निकट फत्तेहपुर शरीफनगर गांव पहुंचकर 569 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मुख्यालय भवन परिसर में आयोजित जनसभा के दौरान संभल, चंदौसी, गुन्नौर और असमोली विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
उन्होंने 68.96 करोड़ रुपये की 12 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जबकि करीब 500 करोड़ रुपये की 56 परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासन की ओर से अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी जमीनों के पट्टे भी भूमिहीन परिवारों को वितरित किए। प्रशासन के अनुसार करीब 50 वर्षों से कब्जे में रही इन जमीनों को हाल में मुक्त कराया गया है।
चंदौसी में गणपति की 145 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण:
संभल के बहजाई में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान विष्णु के दसवें अवतार की भूमि और सनातन परंपरा के पावन तीर्थ सत्यव्रत से अपनी यात्रा शुरू करने वाला यह क्षेत्र आज संभल के रूप में जाना जाता है। उन्होंने भगवान हरिहर की पावन धरा को कोटि-कोटि नमन करते हुए उपस्थित लोगों का अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जनपद संभल के चंदौसी में गणपति की 145 फीट ऊंची प्रतिमा और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की 151 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि चंदौसी को यह भव्य उपहार देने वाले सभी महानुभाव बधाई के पात्र हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विघ्न विनाशक भगवान गणपति और प्रभु श्रीराम की विशाल प्रतिमाओं का अनावरण करना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने इन प्रतिमाओं के निर्माण से जुड़े सभी लोगों का हृदय से अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने संभल और चंदौसी के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये प्रतिमाएं क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी।
500 वर्ष पहले संभल की आस्था और संस्कृति पर चोट पहुंचाई गई थी :योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संभल श्रीहरि विष्णु और भगवान हरिहर की पावन धरा है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि यह भूमि सनातन परंपरा की प्राचीन धरोहर रही है, लेकिन करीब 500 वर्ष पहले, वर्ष 1526 में विदेशी आक्रांताओं ने यहां की आस्था और संस्कृति को चोट पहुंचाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आक्रांता किसी स्थान पर आते हैं तो वे केवल वहां का खजाना नहीं लूटते, बल्कि धर्म और संस्कृति को भी रौंदने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि यही पाप संभल में भी किया गया था। श्रीहरि विष्णु और भगवान हरिहर के पवित्र मंदिर को तोड़ा गया और यहां स्थित 68 तीर्थों को अपवित्र किया गया। इसके साथ ही संभल के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ किया गया और लोगों को विभिन्न प्रकार की यातनाएं दी गईं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1976 और 1978 में हुए दंगों के दौरान सैकड़ों निर्दोष लोगों की हत्या हुई, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि विभाजन और सांप्रदायिक हिंसा का खामियाजा संभल ने भुगता है।
करीब 500 वर्ष पहले जो घटनाएं हुईं, उनमें कुछ लोगों का जबरन धर्मांतरण कराया गया, कुछ लोगों की हत्या कर दी गई और क्षेत्र के तीर्थों को नष्ट करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी सरकार प्रदेश में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संभल के 68 तीर्थों के पुनर्जीवन और पुनर्स्थापना का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही, 24 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण की परियोजना को भी मंजूरी देकर आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संभल की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।(साभार एजेंसी)
