2029 तक कब्जा मुक्त होंगी सभी शत्रु संपत्तियां

Uttar Pradesh

(अलीगढ़,UP)18जुलाई,2026

प्रदेश भर में स्थित शत्रु संपत्तियों से कब्जे हटवाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इन संपत्तियों के प्रबंधन और निस्तारण के लिए सख्त रुख अपनाते हुए वर्ष 2029 की समय सीमा तय कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने इस कार्य को प्रशासनिक प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा है। अलीगढ़ समेत प्रदेश भर के 43 जिलों में स्थित 966 ऐसी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि देश में सबसे अधिक कुल 5,248 शत्रु संपत्तियां अकेले उत्तर प्रदेश के 56 जिलों में हैं। इनमें से 43 जिलों में 966 संपत्तियों पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। अलीगढ़ में कुल 45 शत्रु संपत्तियां हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 35.930 हेक्टेयर है। इनमें सबसे अधिक 27 खैर तहसील में हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 11.544 हेक्टेयर है। इसके बाद कोल तहसील में 17 संपत्तियां हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 22.593 हेक्टेयर है। गभाना में एक शत्रु संपत्ति है जिसका क्षेत्रफल 1.793 हेक्टेयर है। अब हर जिले में शत्रु संपत्तियों के मामले को राजस्व अधिकारियों की मासिक बैठकों में एक स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल किया जाएगा। इन संपत्तियों के संबंध में अपडेट रिपोर्ट लगातार शासन और राजस्व परिषद को भेजी जाएगी।

जिले की सभी शत्रु संपत्तियों का जीआईएस तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। जिन पर भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे उनको कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसकी पूरी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाएगी। – सौरभ भट्ट, एडीएम प्रशासन

यह हैं शत्रु संपत्तियां:
शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत पाकिस्तान या चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों की ओर से छोड़ी गईं संपत्तियां शत्रु संपत्ति मानी जाती हैं। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव अरुण प्रकाश ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से सभी शत्रु संपत्तियों की भौतिक पहचान और उनके क्षेत्रफल का निर्धारण किया जाएगा। इन संपत्तियों की वर्तमान बाजार स्थिति का आकलन किया जाएगा। सरकारी निर्देश स्पष्ट हैं कि इन संपत्तियों को जल्द से जल्द कब्जा मुक्त कराया जाए ताकि इनका निस्तारण किया जा सके।

क्या है जीआई सर्वे:
ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सर्वे (जीआई) एक आधुनिक तकनीक और प्रक्रिया है जिसके द्वारा पृथ्वी की सतह पर स्थित स्थानों, प्राकृतिक संसाधनों और मानव निर्मित ढांचों का सटीक अध्ययन और विश्लेषण किया जाता है। इसके जरिये क्षेत्रफल के साथ ही जमीन के भौगोलिक डेटा को कंप्यूटर स्क्रीन पर मैप के रूप में दर्ज किया जाता है(साभार एजेंसी)

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