(लखनऊ,UP)05अगस्त,2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में मंगलवार को हुई घटनाओं पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वे इस बात पर गंभीरता से विचार करेंगे कि क्या वे इस पद के योग्य हैं। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए गंभीर माहौल बन गया।
इससे पहले विधानसभा शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों ने 6900 शिक्षक भर्ती और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। सपा विधायक अतुल प्रधान दानपेटी लेकर विधानसभा पहुंचे और आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
उधर, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। भाजपा और सपा के विधायक आमने-सामने आ गए, जबकि महिला विधायक भी एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं। लगातार हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने सदन में चर्चा कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बुधवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही चर्चा के लिए खड़े हुए, सपा विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर पहले चर्चा कराने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये को शर्मनाक बताते हुए कहा कि अनुपूरक बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता से जुड़ा विषय है और इसकी चर्चा का एजेंडा पहले से तय था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का न तो चर्चा में विश्वास है और न ही संवैधानिक परंपराओं में।
जानें दूसरे दिन क्या हुआ
दरअसल, दूसरे दिन मंगलवार को भी इसी मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा हुआ था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सपा विधायक सचिन यादव द्वारा उनकी तस्वीर लहराने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए थे। उन्होंने सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया और कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
निष्कासन के बाद सचिन यादव विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान सहित 20 से अधिक सपा विधायक भी धरने में बैठ गए।
निष्कासन के बाद सचिन यादव विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान सहित 20 से अधिक सपा विधायक भी धरने में शामिल हुए। बाद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के समझाने पर सचिन यादव ने धरना समाप्त कर दिया।
उधर, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। भाजपा और सपा के विधायक आमने-सामने आ गए, जबकि महिला विधायक भी एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं। लगातार हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने सदन में चर्चा कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
