उत्तराखंड आपदा:कटते जंगल, पर्यटन के बढ़ते दबाव से ढीले पड़े पहाड़,बढ़ते खतरे
(नई दिल्ली)07अगस्त ,2025. उत्तराखंड में बीते दो दशक में विकास परियोजनाओं की अंधाधुंध दौड़ और बेतरतीब पर्यटन वृद्धि ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर संकट में डाल दिया है। जहां एक ओर 1.85 लाख हेक्टेयर यानी 1,850 वर्ग किलोमीटर जंगलों की कटाई ने पहाड़ों की जलधारण क्षमता और जैव विविधता को कमजोर किया है, वहीं […]
Continue Reading