(लखनऊ,UP)23मई,2026.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, त्वरित और जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में समय पर सही सूचना कई जानें बचा सकती है, इसलिए चेतावनी तंत्र को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री योगी ने गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में “लास्ट माइल कनेक्टिविटी” मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके लिए आईवीआरएस, पंचायत लाउडस्पीकर, स्थानीय एफएम रेडियो, मोबाइल अलर्ट और सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।
13 मई के आंधी-तूफान की समीक्षा
बैठक में 13 मई 2026 के भीषण आंधी-तूफान की समीक्षा की गई। India Meteorological Department के मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम (MHEWS) ने इस घटना की सात दिन पहले से निगरानी की थी। पहले येलो, फिर ऑरेंज और कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया। तूफान के दौरान 60 किमी/घंटा से अधिक की हवा और कई स्थानों पर 80–130 किमी/घंटा तक की गति दर्ज की गई।
नाउकास्ट और SMS अलर्ट की भूमिका
भदोही, प्रयागराज, फतेहपुर, लखनऊ, मिर्जापुर, रायबरेली, कानपुर नगर और उन्नाव समेत कई जिलों में 70–80 किमी/घंटा हवा के नाउकास्ट अलर्ट जारी किए गए। “सचेत” प्लेटफॉर्म के जरिए कलर-कोडेड चेतावनियां जिला प्रशासन, डीडीएमए और आपदा मित्रों तक पहुंचाईं गईं। साथ ही, एसएमएस, टीवी, एफएम रेडियो, व्हाट्सएप, ग्राम प्रधानों, लेखपालों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से व्यापक सूचना प्रसारित की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चेतावनी के साथ सुरक्षित व्यवहार की जानकारी भी दी जाए। स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने तथा पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं का आकलन कर एसओपी तैयार करने को कहा गया।
आधुनिक तकनीक से मौसम निगरानी
बैठक में बताया गया कि डॉप्लर वेदर रडार, ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS), ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG), लाइटनिंग सेंसर और सैटेलाइट इमेज के जरिए मौसम की निगरानी हो रही है। 4–5 दिन के मीडियम रेंज, 2–3 दिन के शॉर्ट रेंज और 3 घंटे तक के नाउकास्ट पूर्वानुमान जारी किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 2000 रेन गेज स्थापित किए जा चुके हैं। अलीगढ़, झांसी, लखनऊ, वाराणसी और आजमगढ़ में डॉप्लर रडार लगाए जा रहे हैं, जबकि बरेली, देवरिया और प्रयागराज में नए रडार की प्रक्रिया जारी है।
जनसहभागिता और आपदा तैयारी
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से 75 जिलों और 20 शहरों के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान तैयार हो रहे हैं। 2025 में 1800 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर 2361 गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया।(साभार एजेंसी)
