(चंडीगढ़)31मई,2026
ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले में कहा कि फ्लाईओवर का निर्माण चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 के प्रावधानों का उल्लंघन होगा इसलिए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।
हाईकोर्ट ने कहा कि यातायात समस्या के समाधान के लिए अंडरपास एक स्वीकार्य विकल्प हो सकता है और उस पर विचार किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि चंडीगढ़ की मूल शहरी पहचान और वास्तु स्वरूप को संरक्षित रखा जाए।
विशेष रूप से फेज-1 के सेक्टरों और दक्षिण मार्ग क्षेत्र के मूल चरित्र और शहरी डिजाइन को बनाए रखने पर जोर दिया गया। अदालत ने यह भी कहा कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना आवश्यक है और इसके लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूत और विस्तारित किया जाना चाहिए।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत पहले ही प्रस्तावित परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगा चुकी थी। अदालत ने इस तथ्य पर गंभीरता दिखाई थी कि ट्रिब्यून चौक के आसपास लगे आम सहित कई पेड़ पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से मौजूद हैं और फ्लाईओवर निर्माण के लिए इन्हें काटा या भारी छंटाई की जा सकती है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी। मामला ट्रिब्यून चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया।(साभार एजेंसी)
