(लखनऊ,UP)30जून,2026
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने सेवारत शिक्षकों के लिए एक विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन करने की घोषणा की है। इससे प्रदेश के करीब 1.80 लाख शिक्षकों को राहत मिलेगी। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा। सीएम ने मंगलवार को आगामी 2 जुलाई से 4 जुलाई तक 60 जिलों में आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहा कि यह परीक्षा लाखों युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी है। इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। लिहाजा परीक्षा ड्यूटी में केवल स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ही तैनाती हो।
सीएम ने कहा कि गोपनीय परीक्षा सामग्री के भंडारण, परिवहन तथा परीक्षा के बाद आयोग तक उसे सुरक्षित भेजने की पूरी प्रक्रिया उच्च सुरक्षा मानकों के मुताबिक होनी चाहिए। सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों पर अफवाह, भ्रामक अथवा गलत सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करें। परीक्षा का संचालन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही का विषय है।
किसी भी अभ्यर्थी को आवागमन, प्रवास, सुरक्षा आदि में कठिनाई न हो। परीक्षा देने बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अन्य राज्यों से भी आएंगे, ऐसे में उनकी सहायता की जाए। उन्हें अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। तीनों दिन प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाए। खाद्य एवं पेय पदार्थों के मूल्य अनावश्यक रूप से न बढ़ने पाएं। सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन तंत्र और जिलों के कंट्रोल रूम सक्रिय रहे। किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई हो। डीएम एक दिन पूर्व सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास कराएं।
पांच पालियों में होगा परीक्षा का आयोजन:
- परीक्षा का आयोजन 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5 पालियों में होगा
- 2 जुलाई को उच्च प्राथमिक स्तर, 3 जुलाई को प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक तथा द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर तथा 4 जुलाई को प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी
- परीक्षा में कुल 19,94,661 अभ्यर्थी शामिल होंगे, इनमें 17,67,180 अभ्यर्थी यूपी के, जबकि 2,27,481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों के हैं
- परीक्षा में 1,85,791 सेवारत शिक्षक तथा 18,08,870 नए अभ्यर्थी शामिल होंगे
- प्राथमिक स्तर के लिए 3,88,179, उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8,16,436 तथा दोनों स्तरों के लिए 3,95,023 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है
- सर्वाधिक परीक्षा केंद्र एवं अभ्यर्थियों वाले जिलों में वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा तथा जौनपुर शाामिल हैं।
दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को विशेष सुविधा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ अन्य राज्यों से भी आएंगे। ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा प्रमुख यातायात केन्द्रों पर पर्याप्त सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। परिवहन निगम, रेलवे तथा आवश्यकतानुसार निजी स्थानीय परिवहन संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा के पूर्व एवं पश्चात संभावित भीड़ को देखते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बड़ी संख्या में युवाओं के आवागमन के दौरान खाद्य एवं पेय पदार्थों के मूल्य अनावश्यक रूप से न बढ़ाए जाएं।(साभार एजेंसी)
