(जयपुर,राजस्थान)01सितंबर,2026
राजस्थान सरकार राज्य में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के लिए इस वित्तीय वर्ष में 60 नए सीएनजी स्टेशन शुरू करेगी। इनमें से 23 पंप चालू हो चुके हैं और शेष पंप दिसंबर तक चालू करने की योजना है। साथ ही प्रदेश में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 80 हजार बैरल प्रतिदिन पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। वर्तमान में राज्य में रोजाना लगभग 51 से 52 हजार बैरल कच्चे तेल का उत्पादन हो रहा है।
माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को उत्पादन बढ़ाने संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बाड़मेर-सांचौर तथा जैसलमेर बेसिन में एएसपी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा बीकानेर-नागौर बेसिन में सीएसएस तकनीक से तेल उत्पादन में बढ़ोतरी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश से नि वाले कच्चे तेल का शोधन राजस्थान रिफाइनरी में ह किया जाना चाहिए। राजस्थान रिफाइनरी की क्षमता 9 एमएमटीपीए है, जिसमें राज्य के 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल को रिफाइन किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने शहरों की बहुमंजिला इमारतों में पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस दौरान पेट्रोलियम निदेशक अवधेश सिंह ने बताया कि केयर्न वेदांता, ऑयल इंडिया, ओएनजीसी और फोकस एनर्जी जैसी प्रमुख कंपनियां प्रदेश में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में लगी हैं। राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़ी 12 पेट्रोलियम लीज और 12 पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस प्रभावी रूप से संचालित हैं।
ऑनशोर प्राकृतिक गैस के उत्पादन के मामले में राजस्थान का देश भर में दूसरा स्थान है, जबकि कच्चे तेल के उत्पादन में राज्य तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में हर दिन करीब 2.6 से 2.8 एमएमएससीएम प्राकृतिक गैस का उत्पादन दर्ज किया जा रहा है। बैठक में आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी सहित माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।(साभार एजेंसी)
