सूखे की मार ,13 जिलों की 80 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित

Rajasthan

(जयपुर,राजस्थान)27अक्टूबर,2026

राजस्थान में इस साल मानसून की बेरुखी और सामान्य से काफी कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फसलों को हुए नुकसान और पानी की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने जोधपुर, बांसवाड़ा और जालोर समेत 14 जिलों की कुल 80 तहसीलों को गंभीर और मध्यम सूखाग्रस्त घोषित किया है। राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग ने रविवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की। वर्षा की कमी, भूजल स्तर में गिरावट, सतही जल की उपलब्धता और फसलों को हुए नुकसान का वैज्ञानिक आकलन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

छह महीने तक लागू रहेंगे संबंधित कानूनी प्रावधान:

आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग की अधिसूचना के अनुसार, सूखाग्रस्त घोषित किए गए क्षेत्रों में संबंधित कानूनी प्रावधान अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से अगले छह महीने तक लागू रहेंगे। सरकार की ओर से जारी सूची में बांसवाड़ा जिले की तीन, बाड़मेर की नौ, बालोतरा की तीन, चूरू की एक, डूंगरपुर की सात, ब्यावर की एक, जैसलमेर की पांच, जालोर की नौ, जोधपुर की सात, फलोदी की पांच, नागौर की एक, पाली की एक और सिरोही की एक तहसील शामिल है। इन क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने का उद्देश्य सूखे से प्रभावित इलाकों में हालात का आकलन कर आवश्यक राहत और प्रशासनिक उपाय किए जाने का रास्ता साफ करना है।

जालोर में सामान्य से 374 मिमी कम बारिश,फसलें सूखीं:

जालोर जिले में इस बार बारिश की स्थिति बेहद चिंताजनक रही। जिले में औसतन करीब 200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य औसत वर्षा से लगभग 374 मिलीमीटर कम है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूख गईं और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इससे जिले में सूखे जैसे हालात बन गए। सरकार की अधिसूचना में जालोर जिले की आहोर, चितलवाना, जसवंतपुरा, बागोड़ा, भीनमाल, रानीवाड़ा, सांचौर, सायला और भाद्राजून तहसीलों को सूखाग्रस्त क्षेत्रों में शामिल किया गया है। इन तहसीलों के प्रभावित गांवों का विस्तृत ब्योरा आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार तय किया जाएगा।

किसानों को राहत मिलने की उम्मीद, चारे-पानी के इंतजाम होंगे:

कम बारिश के कारण कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। फसलों को नुकसान होने से परेशान किसानों के लिए सरकार की यह घोषणा राहत की उम्मीद लेकर आई है। अधिसूचना जारी होने के बाद जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत कार्य शुरू कर सकेगा।

इसके तहत पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था करने सहित अन्य जरूरी प्रशासनिक कदम उठाए जा सकेंगे। हालांकि, तहसीलवार प्रभावित गांवों की सूची और किसानों व पशुपालकों के लिए लागू होने वाली राहत व्यवस्थाओं से जुड़ी विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द स्पष्ट होने की उम्मीद है।(साभार एजेंसी)

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