(नई दिल्ली )28 अक्टूबर 2026.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत को अब भविष्योन्मुखी तकनीकों को सिर्फ अपनाना ही नहीं, बल्कि उनके निर्माण में दुनिया का नेतृत्व करना होगा। देश को नवाचार के क्षेत्र में साहसिक फैसले लेने होंगे।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ESTIC-2026) को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत नई सोच और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य भारत और दुनिया के लिए, वर्तमान और भविष्य के लिए नई तकनीक बनाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से ज्ञान और खोज की परंपरा पर आधारित रही है। शून्य की खोज से लेकर संख्या पद्धति और खगोल विज्ञान तक, हमारी विरासत वैज्ञानिक रही है और आज हम उसी विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
परमाणु ऊर्जा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए बड़े पैमाने पर परमाणु ऊर्जा जरूरी है और भारत इसके लिए फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक विकसित कर रहा है। बैटरी स्टोरेज के क्षेत्र में भी देश अपने संसाधनों से क्षमता विकसित कर रहा है।
पीएम ने हाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में बनी चिप की पहली खेप अब दुनिया के कई देशों तक पहुंच रही है। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा जुलाई में देश के पहले निजी कक्षीय रॉकेट विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा से लेकर अंतरिक्ष, एआई से लेकर सेमीकंडक्टर तक, भारत उभरती तकनीकों में अपनी ताकत और आत्मविश्वास दोनों बढ़ा रहा है। (साभार एजेंसी)
