(लखनऊ,UP)30जुलाई,2025.
उत्तर प्रदेश में काशी, अयोध्या के बाद पर्यटन विभाग नैमिषारण्य के बहुमुखी विकास व पर्यटन आकर्षण बढ़ाने में जुट गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नैमिषारण्य विकास परिषद द्वारा नैमिषारण्य क्षेत्र में पर्यटन विकास से जुड़ी 28 नई परियोजनाओं के लिए 90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनके धरातल पर उतरने से नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी ।
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मिश्रिख सीतापुर में राजघाट, लखनऊ-सीता मार्ग पर वैदिक थीम के अनुरूप तोरण द्वारों की स्थापना की जाएगी। कल्ली रोड बाईपास से ललितादेवी मंदिर-चक्रतीर्थ होते हुए राजघाट तक कॉरिडोर का निर्माण, ललितादेवी मंदिर से कालीवाड़ी चौराहे होते हुए राजघाट तक कॉरिडोर का निर्माण, नैमिषारण्य में पर्यटन सुविधा केंद्र का निर्माण, मिश्रिख के सभी चौराहों का विकास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में ललितादेवी मंदिर से चक्रतीर्थ तक नाले का सुदृढीकरण, नैमिषारण्य में धर्मशाला का पिलग्रिम इंटरपटेशन सेंटर का विकास, बड़ी छावनी आश्रम परिसर में पर्यटक निवास व पर्यटक सुविधाओं का विकास, पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी मुख्य मार्गों, संपर्क मार्गों पर हेरिटेज सोलर लाइट, सीतापुर में विभिन्न भाषाओं में संकेतक की स्थापना, नैमिषारण्य धाम में वेदारण्यम की स्थापना भी की जाएगी।
सीतापुर में मिश्रिख व अन्य स्थानों का पर्यटन विकास:
पर्यटन मंत्री ने बताया कि मिश्रिख के पिपरी व लोकनापुर गांव में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के आसपास अवस्थापना सुविधाओं का विकास, गंधेरिया में पौराणिक शिवालय का पर्यटन विकास, गोमती किनारे नीलकंठ महादेव मंदिर का पर्यटन विकास, बिसवा में मां शीतलादेवी मंदिर का पर्यटन विकास, पिसांवा में मूल्लाभीरी शिव जी मंदिर में पर्यटक सुविधाओं का निर्माण, महर्षि वाल्मिकी आश्रम कनवाखेड़ा का पर्यटन विकास तथा शंकरन ब्लॉक के देवतापुर में जंगली नाथ बाबा मंदिर का पर्यटन विकास कराया जाएगा।इसी क्रम में कई अन्य पर्यटन योजनाओं का विकास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सीतापुर में मिश्रिख व अन्य स्थानों का पर्यटन विकास किया जाएगा। नैमिषारण्य आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए पर्यटन विभाग की ओर से यहां पर आकर्षण व सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।(साभार एजेंसी)
