(नई दिल्ली)23अगस्त,2025.
ई 20 ईंधन और वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर व्याप्त अव्यवस्था और भ्रम के बीच, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन, आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल जैसे पारंपरिक ईंधनों की जगह लेगा। गडकरी का कहना है कि आने वाले समय में परिवहन और उद्योग का पूरा ढांचा इलेक्ट्रिक वाहनों, बायोफ्यूल और हाइड्रोजन पर आधारित होगा
हाइड्रोजन से चलेंगी ट्रेन और हवाई जहाज:
पीटीआई के मुताबिक, गडकरी ने कहा कि हाइड्रोजन सिर्फ सड़क परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह रेलवे और एविएशन सेक्टर में भी इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा, “ट्रेन हाइड्रोजन से चलेंगी, हवाई जहाज उड़ेंगे और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता खत्म होगी।”
ऑटोमोबाइल बाजार में भारत की बड़ी छलांग:
भारत ने हाल ही में वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है। गडकरी ने बताया कि अमेरिका का ऑटो उद्योग करीब 78 लाख करोड़ रुपये का है, चीन का 49 लाख करोड़ रुपे और भारत का 22 लाख करोड़ रुपये का। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मर्सिडीज के ग्लोबल चेयरमैन ने उनसे कहा कि कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक मर्सिडीज कार बनाएगी।
पर्यावरण और विकास पर होगा बड़ा असर:
गडकरी का कहना है कि अगर इलेक्ट्रिक, बायोफ्यूल और हाइड्रोजन तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाया गया तो भारत न सिर्फ कार्बन न्यूट्रलिटी की ओर तेजी से बढ़ेगा बल्कि इससे रोजगार भी पैदा होंगे, पर्यावरण की रक्षा होगी और विकास को रफ्तार मिलेगी
सस्ता हाइड्रोजन बना सकता है भारत को ऊर्जा निर्यातक:
गडकरी ने कहा कि आज हाइड्रोजन की कीमत 5-6 डॉलर प्रति किलो है। लेकिन अगर इसे घटाकर 1 डॉलर प्रति किलो तक लाया गया तो भारत भी तेल उत्पादक देशों जैसा दर्जा हासिल कर सकता है। इससे भारत ऊर्जा आयातक देश से निकलकर ऊर्जा निर्यातक देश बन सकता है।(साभार एजेंसी)
