ददरी मेला:आयोजन समिति के अध्यक्ष बने डीएम

UP / Uttarakhand

(बलिया,UP)18अक्टूबर,2025.

कार्तिक पूर्णिमा पांच नवंबर से लगने वाले ददरी मेले के आयोजन की तैयारी में नगर पालिका परिषद व प्रशासनिक अमला जुटा है। इस बीच प्रशासन की तरफ से मेले के लिए बनाई गई आयोजन समिति से चेयरमैन संत लाल उर्फ मिठाई लाल व दुबहड़ ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि देव नारायण को हटा दिया गया है।

जिलाधिकारी की तरफ से 13 अक्तूबर को जारी पत्र को प्रशासन की तरफ से सार्वजनिक किया गया। नई संशोधित समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक उपाध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी कोषाध्यक्ष, सीआरओ संयोजक, वरिष्ठ कोषाधिकारी सह कोषाध्यक्ष, ईओ नगर पालिका परिषद, बलिया को सहसंयोजक बनाया गया है। साथ ही 50 विभाग के अधिकारियों को समिति का सदस्य बनाया गया है। 30 नवंबर तक ददरी मेला का आयोजन होगा।

चर्चा में रहा मामला
मेला प्रभारी त्रिभुवन ने बताया कि प्रशासन की तरफ से ददरी मेला को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण संपादित करने वाली जिला स्तरीय कमेटी से अध्यक्ष नगरपालिका बलिया की आपत्ति पर विशेष आमंत्रित कमेटी से अध्यक्ष नगरपालिका और ब्लॉक प्रमुख दुबहड़ को हटा दिया गया है।

जिला स्तरीय कमेटी में विशेष आमंत्रित जनप्रतिनिधियों को बनाया गया था क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा स्नान दुबहड़ ब्लॉक में और ददरी मेला नगर पालिका में लगता है। जिला प्रशासन बेहतर कार्य कर जनप्रतिनिधि को विश्वास में लेने के लिए शामिल किया गया था।

जीओसी होंगे चेयरमैन,संयुक्त खाते से होगा व्यय
नगर पालिका परिषद की बाइलॉज के अनुसार मेला का जीओसी चेयरमैन ही होता है। ऐसे में वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष इसके जीओसी हैं। मेला प्रभारी त्रिभुवन ने बताया कि ददरी मेला से होने वाली आय जो मनोरंजन, पार्किंग, दुकान आवंटन, झूला आदि से होती है, उसे नगर पालिका के बैंक खाते में जमा किया जाता है।

खाते का संचालन अध्यक्ष नगर पालिका और अधिशासी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता है। ददरी मेला आयोजन के प्रबंधन में होने वाली आय का सृजन खुली नीलामी के माध्यम से किया जाता है। ददरी मेला में होने वाले प्रबंधन कार्य जैसे लाइट, टेंट लगाने आदि का काम वित्तीय नियम के मुताबिक टेंडर आदि के माध्यम से कराया जाता है।

जिला प्रशासन की भूमिका

  • जिला प्रशासन कानून व्यवस्था और सुप्रबंधन के लिए संपूर्ण ददरी मेला का आवश्यक प्रभावी नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुश्रवण करता है।
  • ददरी मेला सुव्यवस्थित, सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से संपादित हो इसके लिए जिला प्रशासन जिला स्तरीय कमेटी बनाता है। विभिन्न विभागों की उपसमिति बनाई जाती है। जिसमें लोकनिर्माण विभाग, विद्युत आदि शामिल हैं।
    -ददरी मेले से होने वाली आय और व्यय के पर्यवेक्षण हेतु टीम गठित की जाती है ताकि पारदर्शिता रहे और वित्तीय अनियमितता न हो।
    सीआओ ने मेला आयोजन में दी एक लाख की सहायता
    ददरी मेला में होने वाली आय में वृद्धि, सहयोग और सहभागिता हेतु ऐतिहासिकता और पौराणिकता से प्रभावित होकर सीआरओ त्रिभुवन ने एक लाख रुपये अपने वेतन से देने की घोषणा की है। चैरिटी सोशल रिस्पांसबिलिटी को प्रोत्साहन मिले और समाज सेवी और व्यापारी अपना सहयोग दे सकें।

ददरी मेले की विशेषताएं
मां गंगा नदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं, जो इस बार 04 नवंबर को होगा।

कार्तिक पूर्णिमा स्नान के बाद ददरी मेला लगता है। इस बार 05 से 30 नवंबर तक ददरी मेला लगेगा।

भारतेंदु कला मंच ददरी मेला की अमिट पहचान है, जिसमें उभरते कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर गौरव महसूस करते हैं।
ददरी मेले के लिए प्रशासन की तरफ से समिति बनाई गई है। नगर पालिका परिषद की तरफ से ही मेला का आयोजन होगा। टेंडर आदि की भी प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। -संत कुमार उर्फ मिठाई लाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद।(साभार एजेंसी)

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