(लखनऊ,UP)11दिसंबर,2025.
रायबरेली में नब्बे के दशक में लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और डी-2 गैंग के लिए सेफ जोन रहे रायबरेली में बने जाली जन्म प्रमाणपत्रों का देशभर में दुरुपयोग हुआ है। अब तक 250 से अधिक ऐसे मामले पकड़ में आए हैं। मुंबई के कांदिवली पुलिस की जांच में आमिर अली के पोसपोर्ट में लगे पिता अली हसन शेख व मां मुमताज शेख के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र सलोन से ही बने थे।
इसी तरह बेंगलुरु पुलिस ने बांग्लादेशी जाकिर को जाली जन्म प्रमाणपत्र के साथ पकड़ा था। घुसपैठिया जाकिर ने सलोन से जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर नागरिकता लेने का प्रयास किया। कौशांबी जिले के चायल ब्लॉक के शेखपुर रसूलपुर की वंदना के आधार में संशोधन कराने के लिए सलोन के पाल्हीपुर से बने जाली जन्म प्रमाणपत्र को लगाया। जांच के बाद आवेदन को निरस्त कर दिया गया।
यूपी में ऐसे 50 से अधिक संदिग्ध मामले पकड़े
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने यूपी में ऐसे 50 से अधिक संदिग्ध मामले पकड़े, जिसमें जन्म प्रमाणपत्रों के जाली होने की आशंका हुई। जांच में चंदौली जिले के अभिषेक और सत्यम के जाली प्रमाणपत्रों को नुरुद्दीनपुर और पृथ्वीपुर गांवों से बनवाए जाने की पुष्टि हुई थी।
पिछले माह डीह थाने की पुलिस ने रोखा बाजार में अंजली मोबाइल शॉप के संचालक अरविंद व गोपालपुर में शुत्रघ्न को पकड़ा गया था। शातिरों के पास से 200 से अधिक जाली आधार बरामद किए गए। इन आधारों को बनाने में जन्म प्रमाणपत्रों का दुरुपयोग किया गया था।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण मामले की जांच कर रही है। जगतपुर जनसेवा केंद्र के संचालक ने बछरावां के शेषपुर समोधा की हेमा का जाली जन्म प्रमाणपत्र बनाया। आधार बनवाने के प्रयास में यह सच सामने आया।
1992 में आतंकी टुंडा व बिलाल रायबरेली आया था
वर्ष 1992 में आतंकी अब्दुल करीम टुंडा रायबरेली आया था। हिजबुल मुजाहिद्दीन का एरिया कमांडर बिलाल अहमद भी रायबरेली के खिन्नी तल्ला में शरण ले चुका था। जिले की खुफिया एजेंसी इस दौरान इन दोनों को नहीं ढूंढ़ सकी। उनके जाने के बाद ही पुलिस को भनक लगी थी। अब सलोन में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों सुरक्षित ठिकाना देने के प्रयास में जाली जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए।
217 और जन्म प्रमाणपत्र किए गए निरस्त
डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को 217 और फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त किया गया। निरस्त प्रमाणपत्रों की संख्या 1263 हो गई है। जिला मुख्यालय के साथ ही ब्लॉकों में भी कर्मचारियों को प्रमाणपत्रों को निरस्त करने के काम में लगाया गया है। एसआईआर का काम समाप्त होने के बाद प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने में तेजी आएगी(साभार एजेंसी)
