उ.प्र.में 7 मई से शुरू होगी जनगणना

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)27अप्रैल,2026.

जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत उत्तर प्रदेश में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया सात मई 2026 से शुरू होकर 21 मई तक चलेगी। इस दौरान नागरिक ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपने घर और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

स्व-गणना के लिए सबसे पहले नागरिकों को निर्धारित वेबसाइट https://se.census.gov.in⁠ पर जाना होगा। यहां State/UT में उत्तर प्रदेश का चयन कर कैप्चा भरना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर सत्यापन पूरा करना होगा।

रजिस्ट्रेशन के बाद उपयोगकर्ता अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी, अंग्रेजी समेत 16 उपलब्ध भाषाओं में से भाषा का चयन कर सकते हैं। इसके बाद पता संबंधी विवरण जैसे राज्य, जिला, शहर या गांव की जानकारी भरनी होगी। साथ ही घर का लोकेशन मैप पर चिह्नित (टैग) करना भी जरूरी होगा।

अगले चरण में घर और परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी भरनी होगी। इसमें कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान का प्रकार (पक्का या कच्चा), बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं, परिवार के सदस्यों का विवरण और टीवी, मोबाइल, इंटरनेट जैसी संपत्ति संबंधी जानकारी शामिल है। किसी भी सवाल को समझने के लिए बटन पर क्लिक कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

सभी विवरण भरने के बाद फॉर्म को सावधानीपूर्वक जांचकर सबमिट करना होगा। इसके बाद एक यूनिक सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (एसईआईडी) प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। प्रशासन के अनुसार, जब जनगणना अधिकारी या प्रगणक घर पर आएगा तो नागरिकों को केवल अपनी एसईआईडी दिखानी होगी। इससे दोबारा जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और सत्यापन प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाएगी।

लखनऊ के डीएम विशाख जी ने आम जनता से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करें और जनगणना कार्मिकों का सम्मान करते हुए सहयोग प्रदान करें, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े तैयार किया जा सके।

प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है। नागरिकों को निर्धारित पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा, ओटीपी से सत्यापन के बाद अपनी पसंद की भाषा चुनकर फॉर्म भरना होगा। इसमें मकान की स्थिति, बिजली-पानी जैसी सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की जानकारी और घरेलू संसाधनों से जुड़े कुल 33 सवाल शामिल हैं।

सभी जानकारी भरने के बाद सबमिट करने पर एक यूनिक सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) मिलेगी, जो आगे के सत्यापन में काम आएगी। जब प्रगणक घर पहुंचेगा तो केवल यही आईडी दिखानी होगी, जिससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस डिजिटल पहल का लाभ उठाएं और जनगणना कार्य में सहयोग कर सटीक आंकड़े तैयार करने में अपनी भूमिका निभाएं।(साभार एजेंसी)

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