(श्रीगंगानगर,राजस्थान)06जून,2026
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली और मारुति सुजुकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के संयुक्त तत्वावधान में आज कृषि विज्ञान केंद्र, पदमपुर में एक महत्वपूर्ण किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।
“किण्वित जैविक खाद से समृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में 175 से अधिक किसान और दो कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) के सदस्य शामिल हुए।
परियोजना सह-समन्वयक डॉ. कपिला शेखावत ने बताया कि किण्वित जैविक खाद (Fermented Organic Manure – FOM) पशु गोबर, फसल अवशेष और अन्य कृषि उप-उत्पादों के सूक्ष्मजीवीय किण्वन से तैयार होती है और यह जैविक रूप से स्थिर उत्पाद है। उन्होंने FOM को भारत सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ से जोड़ते हुए इसे संतुलित उर्वरक प्रबंधन का प्रभावी माध्यम बताया।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह ने विस्तार से समझाया कि किण्वन प्रक्रिया के दौरान जटिल कार्बनिक यौगिक सरल और जैव-उपलब्ध पोषक तत्वों में बदल जाते हैं, जिससे मृदा उर्वरता, सूक्ष्मजीव गतिविधि और पोषक तत्व उपयोग दक्षता (NUE) में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
डॉ. स्मृति रंजन पधान ने बताया कि FOM राजस्थान की बलुई मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ाने, मृदा जनित रोगों को कम करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करने में विशेष रूप से कारगर है।
परियोजना समन्वयक डॉ. संजय सिंह राठौर के मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम में डॉ. सीमा चावला (अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, बीकानेर) ने मृदा स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया।(साभार एजेंसी)
