पावरकाॅम पर मौसम की मार:2480 करोड़ की बिजली क्रय

Punjab

(चंडीगढ़,पंजाब)27जून,2026.

पंजाब में इस बार मौसम की मार पावरकाॅम पर भारी पड़ रही है। बिजली की लगातार बढ़ती मांग पूरा करने के लिए पावरकाम ने इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से अप्रैल से लेकर 25 जून तक कुल 2480 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी है।

जून के इस पीक सीजन में पावरकाॅम की ओर से एक्सचेंज से 11 रुपये प्रति यूनिट के रेट से बिजली खरीदी जा रही है। इससे पावरकाॅम की आर्थिक मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि पहले से ही पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों ने करीब 2600 करोड़ के बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है। पंजाब सरकार पर भी बिजली सब्सिडी के करोड़ों रुपये बकाया हैं।

पंजाब में इस बार अप्रैल से ही लू की शुरुआत हो गई थी। इससे पारा 45 डिग्री के पार पहुंचने से मई में बिजली की मांग 12000 मेगावाट पार कर गई थी, जो 2025 के मुकाबले 800 मेगावाट ज्यादा थी। वहीं मई में बिजली की मांग 14335 मेगावाट हो गई थी।

जून में भीषण गर्मी के बीच धान सीजन की शुरुआत से बिजली की मांग रिकाॅर्ड 16464 मेगावाट छू गई है। ऊपर से जून में तकनीकी खराबी व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सरकारी क्षेत्र के रोपड़, गोइंदवाल और लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांटों के छह यूनिट बंद पड़ गई थीं। इससे 1400 मेगावाट का बिजली उत्पादन ठप पड़ गया था। नतीजतन पावरकाॅम को बढ़ी मांग पूरा करने के लिए एक्सचेंज से ज्यादा बिजली लेनी पड़ी।

हालात यह हैं कि इस समय भी लहरा मुहब्बत थर्मल के 500 मेगावाट की दो यूनिट बंद हैं। इस पीक सीजन में जब पावरकाॅम को अपने थर्मलों से 3.50 रुपये यूनिट बिजली मिल सकती थी। यूनिटों के बंद पड़ने से पावरकाम को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से 11 रुपये यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदनी पड़ रही है। दिन में पावरकाॅम को सस्ती सोलर बिजली मिल जाती है लेकिन शाम व रात के समय महंगी बिजली लेनी पड़ रही है।

जून में ही 1300 करोड़ की बिजली खरीदी:
पावरकाॅम ने अप्रैल महीने से लेकर 25 जून तक बिजली की मांग पूरा करने के लिए एनर्जी एक्सचेंज से 2480 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी है। सबसे अधिक 1300 करोड़ की बिजली जून में अब तक खरीदी जा चुकी है। आने वाले दिनों में मांग में और इजाफा होने की संभावना है क्योंकि इस बार पंजाब में जहां मानसून देरी से आ रहा है, वहीं मौसम विभाग ने मानसून की बारिश भी सामान्य से 8 फीसदी तक कम रहने की संभावना जताई है। इससे किसानों द्वारा सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों का इस बार ज्यादा इस्तेमाल होने की संभावना से बिजली की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में एक्सचेंज से आने वाले दिनों में बिजली की खरीद का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

मांग घटने से मिलेगी राहत
पावरकाॅम के अधिकारी ने बताया कि किसानों को धान की सिंचाई के लिए निर्विघ्न बिजली सप्लाई करना पावरकाॅम की प्राथमिकता है। इसके लिए जरूरत पड़ने पर एक्सचेंज से महंगे दामों पर भी बिजली ली जा रही है। उम्मीद है कि मानसून के आने से बिजली की मांग घटने से कुछ राहत मिलेगी। साथ ही कहा कि लहरा मुहब्बत के बंद पड़ीं यूनिटों के भी जल्द चालू होने की उम्मीद है।(साभार समाचार एजेंसी)

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