(चंडीगढ़,पंजाब)19सितंबर,2026
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में दो दिवसीय किसान मेला आयोजित किया गया है।जिसकी अध्यक्षता पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान कर रहे हैं।इस आयोजन में पंजाब और आसपास के राज्यों से किसान भाग ले रहे हैं।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और जल्दी ही यह संकल्प पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि जिन खेतों में नहरी पानी से सिंचाई हुई है उनका झाड़ भी बढ़ेगा।
सीएम ने कहा कि इस से पंजाब में भूजल स्तर बढ़ गया है।उन्होंने कह कि पंजाब में कई क्षेत्रों में एक फीट से पांच फीट तक पानी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि नहरों में पानी से किसानों के खर्च में कमी आई है।अब पानी के लिए जनरेटर नहीं चलाने पड़ रहे हैं।
सीएम ने किसानों को कहा पंजाब के किसानों को अपने खेती खर्च घटाने होंगे। उन्हें मिट्टी व फसलों की जांच करवाने के बाद ही छिड़काव करना होगा। भगवंत मान ने कहा कि किसानों को अभी पराली जलाने के लिए बदनाम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि किसानों पर पर्चा करो, लेकिन हम पर्चे नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान आग न लगाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को केंद्र सरकार इंसेंटिव दे किसान पराली का प्रबंधन कर देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भी किसानों को इंसेंटिव देगी।
सीएम ने किसानों को कहा पंजाब के किसानों को अपने खेती खर्च घटाने होंगे। उन्हें मिट्टी व फसलों की जांच करवाने के बाद ही छिड़काव करना होगा। भगवंत मान ने कहा कि किसानों को अभी पराली जलाने के लिए बदनाम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि किसानों पर पर्चा करो, लेकिन हम पर्चे नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान आग न लगाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को केंद्र सरकार इंसेंटिव दे किसान पराली का प्रबंधन कर देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भी किसानों को इंसेंटिव देगी।
एग्रीवोल्टिक्स तकनीक से कम जमीन में ज्यादा फायदा रिसर्च डायरेक्टर डॉ. ए.एस. ढट्ट ने बताया कि पंजाब में फसलों की पैदावार बहुत अच्छी है। उन्होंने बताया कि एग्रीवोल्टिक्स तकनीक के तहत एक ही जमीन पर सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) लगाकर बिजली भी बनाई जा सकती है और नीचे खेती भी की जा सकती है। इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा।
मिट्टी की सेहत और पराली का इस्तेमाल डॉ. एम.एस. भुल्लर ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने सालों से पूरे देश का पेट भरा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पहले मिट्टी की जांच करवाएं, खाद और पानी का सही इस्तेमाल करें, पराली को जलाने के बजाय काम में लाएं और केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह की खेती करें।
किसान और PAU का रिश्ता PAU के रजिस्ट्रार सुखजीत पाल सिंह ने कहा कि यह मेला किसानों के फायदे के लिए ही बनाया गया है। उन्होंने सभी किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को परिवार के साथ मेले में आने का न्योता दिया। (साभार एजेंसी)
