(पटना,बिहार)30अक्टूबर,2026
बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज राजधानी पटना के बापू सभागार में जल संसाधन विभाग द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण संगोष्ठी “गंगा जल संधि : बिहार की जल सुरक्षा” का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जल विशेषज्ञों, अभियंताओं, किसानों, शिक्षाविदों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए राज्य की जल नीति और भविष्य की दिशा पर विस्तार से अपनी बात रखी।
कार्यक्रम की शुरुआत में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह संगोष्ठी गंगा और उसकी सहायक नदियों पर बिहार की निर्भरता, बढ़ती जनसंख्या, जलवायु परिवर्तन और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर आयोजित की गई है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के हितों की रक्षा, पेयजल, सिंचाई एवं उद्योगों के लिए पर्याप्त जल की उपलब्धता हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में जल के बिना विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा, “गंगा हमारे लिए सिर्फ एक नदी नहीं है। यह हमारी मां है, हमारी जीवनरेखा है, हमारी संस्कृति और सभ्यता का आधार है। पटना से लेकर भागलपुर, मुंगेर से लेकर बक्सर तक, बिहार का हर जिला किसी न किसी रूप में गंगा और उसकी सहायक नदियों से जुड़ा है। इसलिए गंगा जल संधि जैसे किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय समझौते पर बिहार का पक्ष मजबूती से रखा जाना चाहिए।”(साभार सोशल मीडिया)
