कॉरिडोर बनने के बाद महाकुंभ में पहली बार विराजेंगे बाबा विश्वनाथ, साधु-संत व भक्त करेंगे दर्शन

Uttar Pradesh

(प्रयागराज UP)05दिसम्बर,2025.

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद पहली बार त्रिवेणी के संगम पर काशीपुराधिपति के दर्शन होंगे। प्रयागराज में बसने वाली टेंट सिटी में श्री काशी विश्वनाथ की प्रतिकृति विराजमान कराई जाएगी। टेंट सिटी में देशभर से आने वाले साधु-संत और श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन-पूजन के साथ ही रुद्राभिषेक की भी सुविधा श्रद्धालुओं को मिलेगी।

मंदिर न्यास ने भूमि आवंटन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ में आने वाले सनातनी बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर सकेंगे। बाबा का ज्योतिर्लिंग प्रतीक स्वरूप में स्थापित किया जाएगा।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर की तरह ही संगम तट पर बाबा के दरबार में भी चार प्रहर की आरती के दर्शन होंगे। श्रद्धालु के लिए रुद्राभिषेक और अनुष्ठान के इंतजाम भी रहेंगे। प्रयाग के बाद श्रद्धालु और संत बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए बनारस आते हैं। सुगम दर्शन के काउंटर से श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार दर्शन, आरती और अनुष्ठान की बुकिंग पहले ही करा सकेंगे।

एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि महाकुंभ में बाबा का दरबार सजेगा। भूमि आवंटन होने के बाद तैयारियां शुरू हो जाएंगी। धाम की तरह ही संगम के तट पर सजने वाले बाबा दरबार में श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के दर्शन होंगे।

कुंभ मेला में करेंगे साधु-संतों व श्रद्धालुओं की सेवा:
महाकुंभ में साधु-संतों व श्रद्धालुओं की सेवा के लिए संस्थाएं आगे आ रही हैं। लोकजन कल्याण एवं समाज सुधार कर्म फाउंडेशन ट्रस्ट भी उनकी सेवा करेगी। इनके साथ जिले के अलावा मिर्जापुर व चंदौली जिले के व्यापारी भी सहयोग करेंगे। प्रतिदिन उनकी सेवा करने के साथ प्रसाद वितरण करेंगे।

ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. एनके त्रिपाठी की अध्यक्षता में कंदवा में हुई बैठक में तय हुआ कि ट्रस्ट के सदस्यों के साथ व्यापारी कुंभ में सेवा व प्रसाद वितरण करेंगे। संगम तट पर गंगाजल की स्वच्छता के तहत सफाई व पर्यावरण संतुलन के प्रति श्रद्धालुओं को जागरूक किया जाएगा। महाशिवरात्रि के स्नान तक टीम कुंभ में सेवा देगी। बैठक में हरिहरानंद महाराज, आनंदपाल,मनीष मिश्रा, दिव्या त्रिपाठी, अनलि, पुष्पा, चंचल आदि रहे(साभार एजेंसी)

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