टीईटी अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक और पुनर्विचार याचिका दाखिल

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)02अक्टूबर,2025.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के बाद देश और प्रदेश से एक के बाद एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की जा रही है। इसी क्रम में आल इंडिया प्राइमरी टीचर फेडरेशन की ओर से भी याचिका दाखिल की गई है। प्रदेश में लगभग 1.86 लाख शिक्षक सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से प्रभावित हो रहे हैं।

अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षक पात्रता अनिवार्य किए जाने के आदेश को निरस्त कराने के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की ओर से आवश्यक पहल की जानी चाहिए। ताकि देश भर के लाखों शिक्षकों का हित सुरक्षित हो सके।

इस अवसर पर संगठन के नरेश कौशिक, डॉ. अनुज त्यागी, वीरेंद्र प्रताप सिंह, विनोद नागर, रविंद्र राणा, प्रवीन कुमार, वीरपाल सिंह, विनोद त्यागी, जितेंद्र नैन आदि पदाधिकारी उपस्थित थे। बता दें कि इस मामले में अब तक देश-प्रदेश से आधा दर्जन से अधिक पुनर्विचार याचिका दाखिल की जा चुकी है। जबकि सबसे पहले प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।

टीईटी के विरोध में राजनाथ सिंह को सौंपा ज्ञापन:
टीईटी के विरोध में उत्तर प्रदेश प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा। संघ प्रतिनिधियों ने मांग करते हुए कहा कि जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट परीक्षा से छूट दिलाने के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए। इसके लिए सरकार भी सामाधान निकाले।(साभार एजेंसी)

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