(लखनऊ,UP)1मार्च, 2026.
राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रबुद्ध समागम में हंगामा हो गया। बीजेपी सांसद व पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा को भी विरोध का सामना करना पड़ा। यूजीसी के नए प्रावधानों और ब्राह्मण हितों पर चुप्पी से नाराज लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। कार्यक्रम में डॉ. दिनेश शर्मा के बोलना शुरू करते ही लोग उनसे यूजीसी मुद्दे पर जवाब मांगने लगे। शोर इतना बढ़ गया कि उन्हें अपना भाषण अधूरा छोड़ना पड़ा। विरोध के बीच डॉ. दिनेश शर्मा भारत माता की जय का नारा लगाते हुए अपनी सीट पर जाकर बैठ गए।
समागम में राजनीति से ऊपर उठकर विभिन्न दलों के प्रबुद्ध नेता शामिल हुए। जिनमें पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र,उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी, निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मौजूद रहे।
ब्राह्मण पीड़ा हुई मुखर:
निलंबित पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने मंदिर और चंदे से जुड़े विषयों पर बोलना शुरू किया, तो आयोजकों ने मुद्दे पर बात करने को कहा। हस्तक्षेप से भड़के लोगों ने अलंकार के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। अलंकार ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार में ब्राह्मण पीड़ित है। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। कोई ब्राह्मण सरकार के साथ नहीं है। यूजीसी के नए प्रावधान सामान्य वर्ग के खिलाफ हैं। इसका विरोध जरूरी है। मंच पर लोगों ने मेरा विरोध किया लेकिन, नीचे बैठे लोगों ने समर्थन दिया।
शंकराचार्य विवाद पर रोष की आवाज
समागम में शंकराचार्य विवाद भी उठा। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बटुकों के साथ हुए व्यवहार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोष व्यक्त किया। कहा, हिंदूवादी सरकार में शंकराचार्य का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकार ब्राह्मण समाज के साथ : डिप्टी सीएम
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भरोसा दिलाया कि हमारी सरकार ब्राह्मण समाज के साथ है। उनके हितों की पार्टी और सरकार दोनों चिंता कर रही हैं। ब्राह्मण समाज का अहित नहीं होने देंगे। हालांकि,यूजीसी के नए प्रावधान पर डिप्टी सीएम ने भी चुप्पी साधी। वहीं, पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि यूजीसी पर सरकार का विरोध सही नहीं है। फैसला सोच समझकर लिया गया होगा।
यूजीसी पर भाजपा के रुख से असंतुष्ट जिला उपाध्यक्ष ने छोड़ा पद:
यूजीसी मामले में पार्टी की नीति समाज हित में न होने की बात कहते हुए भाजपा के मुरादाबाद जिला उपाध्यक्ष डॉ. विश्वास शर्मा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए प्रावधानों से जाति विभेद हो रहा है जो समाज हित में नहीं है बल्कि इसका परिणाम दुखद होगा।
शनिवार को बिलारी में प्रेस वार्ता करते हुए शर्मा ने पुरानी और वर्तमान भाजपा में बड़ा अंतर होने की बात कही। 81 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि वह पार्टी के गठन के समय से जुड़े हैं। वह बीते चार अध्यक्षों के कार्यकाल से जिला उपाध्यक्ष का दायित्व संभाले रहे हैं। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक के अलावा स्वच्छ भारत अभियान के पश्चिम क्षेत्र के मानव सलाहकार और संस्कार भारती के जिला संयोजक भी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा में जाति आधारित राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है। यूजीसी के मुद्दे पर पार्टी की नीतियों से खिन्न होकर जिला उपाध्यक्ष पद अपना इस्तीफा पार्टी के क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा और जिलाध्यक्ष आकाश पाल को भेज दिया है। उधर, मुरादाबाद में भाजपा के जिला अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की नई कार्यकारिणी के गठन का समय आ गया है। इस समय में किसी के पद से इस्तीफे का कोई औचित्य नहीं है।(साभार एजेंसी)
