(लखनऊ,UP)20जुलाई,2026
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से डुप्लीकेट नामों को डिलीट करने का अभियान प्रारंभ हो चुका है। बूथ और विधानसभा क्षेत्रवार मिलते-जुलते नाम चिह्नित कर लिए गए हैं। इन नामों का क्लस्टर तैयार किया गया है। सभी बीएलओ से मौके पर जांच करके 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट लगाने के लिए कहा गया है।
प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ मतदाता हैं। जांच में पाया गया कि तमाम मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम अभी भी दो या उससे अधिक बार हैं।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, अब ये सभी क्लस्टर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और उससे ऊपर के अधिकारियों को उनके लॉगइन पर दिखाई दे रहे हैं। बीएलओ अपने बूथ के भीतर एक से नाम वाले लोगों को चिह्नित करके उनका सत्यापन करेगा। अगर एक मतदाता के नाम एक ही बूथ की मतदाता सूची में कई बार हैं, तो उस व्यक्ति से पूछा जाएगा कि किस नंबर पर वह रहना चाहता है। बीएलओ शेष नंबरों से उस मतदाता का नाम हटाने के लिए बीएलओ एप पर ही संस्तुति करेगा।
ऑनलाइन डाटा का विश्लेषण किया:
चुनाव आयोग ने बूथ और विधानसभा क्षेत्रवार उपलब्ध ऑनलाइन डाटा का विश्लेषण किया है। इसमें यह देखा गया कि कितने मतदाताओं के नाम, उनके माता या पिता के नाम और पता में समानता है। सॉफ्टवेयर से इस तरह के नाम व पते चिह्नित करके उनके क्लस्टर बना दिए गए हैं। इस काम में एआई की मदद भी ली गई है।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, अब ये सभी क्लस्टर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और उससे ऊपर के अधिकारियों को उनके लॉगइन पर दिखाई दे रहे हैं। बीएलओ अपने बूथ के भीतर एक से नाम वाले लोगों को
चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही करेंगे।(साभार एजेंसी)
