(नई दिल्ली) 26 अक्टूबर,2026
ब्राजील में वामपंथी नेता लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। 80 साल की उम्र में वे चौथी बार देश के राष्ट्रपति बनेंगे। इस रन-ऑफ मुकाबले में उन्होंने फ्लावियो बोल्सोनारो को शिकस्त दी।
डेटा फोल्हा (Datafolha) के अनुसार 99.97 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने तक लूला को 51.76 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.24 प्रतिशत वोट हासिल हुए।
लोकतांत्रिक इतिहास में रिकॉर्ड
पूर्व फैक्ट्री वर्कर और वर्कर्स पार्टी के नेता लूला इस जीत के साथ राष्ट्रपति पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेताओं में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। उनसे आगे केवल गेटुलियो वर्गास हैं। मौजूदा कार्यकाल पूरा होने तक सत्ता में उनका कुल कार्यकाल 16 साल हो जाएगा, जो ब्राजील के लोकतांत्रिक इतिहास में एक रिकॉर्ड होगा।
पहले राउंड में पीछे थे, फिर भी जीते
यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, 1989 में प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव की वापसी के बाद यह पहली बार है जब कोई उम्मीदवार पहले दौर में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद राष्ट्रपति चुनाव जीता है।
चुनाव में महंगाई, बढ़ती जीवनयापन लागत, अपराध और भ्रष्टाचार बड़े मुद्दे रहे। फ्लावियो बोल्सोनारो ने अपराध पर सख्त कार्रवाई का वादा किया था, तो वहीं लूला ने ब्राजील की संप्रभुता और स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर दिया।
लूला 2003 से 2010 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं। भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें एक साल से अधिक जेल में भी रहना पड़ा था, बाद में वे आरोप रद्द हो गए थे।
CNN के मुताबिक, लूला की जीत का असर ब्राजील के बाहर भी दिखेगा। उनके नेतृत्व में लैटिन अमेरिका का यह सबसे बड़ा देश ग्लोबल साउथ और चीन के साथ नजदीकी संबंधों पर जोर देगा।
बता दें कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा इसी साल फरवरी में AI समिट में शामिल होने दिल्ली आए थे(साभार समाचार एजेंसी)
