(चंडीगढ़,पंजाब)04 नवंबर,2026
मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान ने आज मोहाली में नवनियुक्त 801 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों के रूप में दिवाली का तोहफा मिला और उनकी सरकार के तहत कुल भर्तियों की संख्या 71,777 हो गई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक नियुक्ति पूरी तरह बिना किसी ‘कैश’ या ‘सिफारिश’ के मेरिट के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय पैसे, सिफारिशों और रिश्वत के जरिए लाखों रुपये में सरकारी नौकरियां बिकती थीं, जबकि हमारी सरकार ने बिना एक रुपये की रिश्वत के पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित की है। विपक्ष को भर्ती में भ्रष्टाचार की एक भी मिसाल दिखाने की चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐलान किया कि अगले सप्ताह 600 और युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलेंगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम की झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज मोहाली में 801 नवनियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। अब तक हमने 71,777 से अधिक युवाओं को पूरी तरह नि:शुल्क और केवल मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के कारण पंजाब आज प्राथमिक शिक्षा में देशभर में नंबर एक पर है। हमारा उद्देश्य हर घर में रोजगार और खुशहाली लाकर पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। नवनियुक्त युवाओं और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई। पूरी ईमानदारी और समर्पण भावना से पंजाब के लोगों की सेवा करें।
नवनियुक्त 801 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष किसी ठोस मुद्दे के अभाव में मेरे खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है। मैं इन नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे मुझ पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप साबित करें या राजनीति छोड़ दें। वे इसलिए निराश हैं क्योंकि वे हमारी सरकार द्वारा किए जा रहे विकास और जनकल्याण के अभूतपूर्व कार्यों को सहन नहीं कर पा रहे। अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने अपने निजी हितों की राजनीति के जरिए पंजाब को आर्थिक और सामाजिक बदहाली की ओर धकेला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व ने अपने कार्यकाल के दौरान खनन सहित लाभदायक कारोबारों पर कब्जा किया और राज्य के संसाधनों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने वर्षों तक पंजाब को लूटा, वे आज ईमानदारी के भाषण दे रहे हैं। राज्य के लोग यह नहीं भूले कि कैसे इन नेताओं ने अपने निजी हितों के लिए उनके विश्वास के साथ धोखा किया और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को गिरवी रख दिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल के नेता कभी 25 साल तक पंजाब पर शासन करने का दावा करते थे, लेकिन आज यह पार्टी अपनी कतारों में 25 भरोसेमंद नेताओं को खोजने के लिए संघर्ष कर रही है।
मान बोले – यह ऐतिहासिक पल है
नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन 801 परिवारों के लिए ऐतिहासिक और भावुक है, जिनके युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से सरकारी कर्मचारी बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने कहा, “आज की नियुक्तियों के साथ हमारी सरकार द्वारा दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या 71,777 हो गई है। ये सभी नौकरियां बिना किसी भेदभाव या सिफारिश के केवल मेरिट के आधार पर दी गई हैं। ये नियुक्ति पत्र महज कागज के टुकड़े नहीं हैं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए उम्मीद, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक हैं।
पंजाब स्कूली शिक्षा में केरल को भी पीछे छोड़कर नंबर एक राज्य बनकर उभरा है। सिंचाई प्रणाली का कायाकल्प किया है, ताकि नहर का पानी वंचित खेतों तक पहुंचे। नहर नेटवर्क के जरिए अब लगभग 18,000 क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंच रहा है। इससे भूजल पर निर्भरता घटी है। कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में एक से पांच मीटर तक सुधार हुआ है। पंजाब अब जनपक्षीय सोच, विश्वास और विकास की नई हवा का गवाह बन रहा है। हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी चल रही है। पंजाब की खेल परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा दी जा रही है ताकि वे नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहें।
योग्यता पर मिल रही नौकरी
मान ने आगे कहा कि प्रत्येक नियुक्ति एक युवा के सपनों और पूरे परिवार की आशाओं का प्रतिनिधित्व करती है। हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राजनीतिक पहुंच या पैसा नहीं, बल्कि योग्यता ही पंजाब के युवाओं के भविष्य का फैसला करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने उन पर बार-बार यह आरोप लगाया है कि वे सरकारी खजाने को लूट रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा किया जाने वाला हर काम जनकल्याण के लिए होता है। राज्य का खजाना पंजाब के लोगों का है और सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए खर्च किया जा रहा है। पिछली सरकारों के नेता सरकारी खजाने को अपनी निजी संपत्ति समझते थे, जबकि हम खुद को लोगों के पैसे का ट्रस्टी मानते हैं।
सरकार बना रही मजबूत ढांचा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पीएसपीसीएल में सहायक पदों पर लगभग 600 और भर्ती के अवसर पहले ही पैदा किए जा चुके हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और मजबूत हुए हैं। नवनियुक्त कर्मचारियों को ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने युवाओं को यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी करने और आईएएस तथा आईपीएस अधिकारी बनने की आकांक्षा रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा ढांचे को मजबूत कर रही है और बेहतरीन संस्थान स्थापित कर रही है, ताकि आम और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे देश की प्रशासनिक व्यवस्था में उच्च पदों तक पहुंच सकें।(साभार सोशल मीडिया)
