(लखनऊ,UP)26जून,2026
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने किसानों और खाद्यान्न खरीद व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ ही मक्का खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की।
डॉ.पांडेय ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के खाद्यान्न खरीद प्रस्तावों पर केंद्र की स्वीकृतियां लंबित हैं। इससे मंडी समितियों और अन्य संस्थाओं के भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। राज्य सरकार के 118 करोड़ रुपये के सब्सिडी दावे भी लंबित हैं। ये दावे मक्का और बाजरा खरीद से संबंधित हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 632 करोड़ रुपये से अधिक के दावे का भुगतान नहीं मिला है।
अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता:
यह दावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से भी जुड़ा है। इस वर्ष प्रदेश में गेहूं खरीद सफलतापूर्वक हुई है। कुल खरीदे गए गेहूं का लगभग 72 फीसदी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को सौंपा गया है। शेष गेहूं के भंडारण और उठान के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता है।
यूपी के मंत्री ने केंद्र सरकार का ध्यान दिलाया कि प्रयागराज, अयोध्या व झांसी सहित कई जिलों में एफसीआई की भंडारण क्षमता पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अतिरिक्त गोदाम उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। धान खरीद के बाद कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) के निस्तारण में प्रदेश ने लगभग 99 फीसदी लक्ष्य हासिल किया है, जोकि एक बड़ी उपलब्धि है।
मक्का की सरकारी खरीद शुरू:
उत्तर प्रदेश में मक्का खरीद शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार ने 25 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। यदि किसानों की उपज अधिक मात्रा में खरीद केंद्रों पर आती है, तो राज्य सरकार लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध करेगी। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा। डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन विषयों पर शीघ्र निर्णय लेगी।(साभार एजेंसी)
