पैरालंपिक एशियन गेम्स:पीएम मोदी ने भारतीय दल को रिकॉर्ड प्रदर्शन पर दी बधाई

National

(नई दिल्ली)25अक्टूबर,2026.

भारतीय पैरा एथलीटों के शानदार प्रदर्शन और रिकॉर्ड 114 पदक जीतने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने देश के इस अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को राष्ट्र के लिए अपार गर्व और आनंद का क्षण बताया है। पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अपने अभियान का समापन कुल 114 पदकों के साथ किया, जिसमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय पैरा एथलीटों ने कई स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड, ऐतिहासिक जीत और पोडियम पर अपना दबदबा कायम किया।

पीएम मोदी ने क्या कहा?:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए पीएम मोदी ने एथलीटों के दृढ़ संकल्प और असाधारण प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, पैरा एशियन गेम्स 2026 में हमारे पैरा एथलीटों की यह बेहद असाधारण उपलब्धि है! रिकॉर्ड 114 पदकों के साथ, यह खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह पूरे देश के लिए अपार गर्व और आनंद का अवसर है। मैं भारतीय दल के प्रत्येक सदस्य को उनकी असाधारण दृढ़ता के लिए बधाई देता हूं। प्रत्येक एथलीट ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान दिया है और अपनी सफलताओं से अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।

भारत ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़े:
भारत ने पिछले संस्करण के 108 पदकों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिय, जिसमें 27 स्वर्ण, 32 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल थे (हालांकि डोपिंग मामलों के कारण पिछले संस्करण में तीन पदक वापस ले लिए गए थे)। इस बार आइची-नागोया में भारत का प्रदर्शन उम्मीदों से कहीं अधिक रहा, खासकर तब जब इस बार का दल पिछले संस्करण यानी हांग्झू की तुलना में काफी छोटा था, जिसमें 309 एथलीटों के मुकाबले इस बार केवल 168 पैरा-एथलीटों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया। पैरा-बैडमिंटन में, मौजूदा पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 फाइनल में हमवतन और मौजूदा विश्व चैंपियन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि भगत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। महिला युगल एसएल3-एसयू5 में तुलसीमथी मुरुगेसन और मानसी गिरीशचंद्र जोशी ने चीन की किउक्सिया यांग और जुक्सियान शियाओ को 21-16, 21-13 से हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। पैरा-आर्चर हरविंदर सिंह और डेब्यूटेंट विजय सुंडी ने पुरुष रिकर्व युगल में स्वर्ण जीता, जबकि पूजा जातियान और भावना चौधरी ने महिला रिकर्व युगल में रजत पदक जीतकर एशियाई पैरा गेम्स में इस स्पर्धा का देश का पहला पदक हासिल किया।

पैरा एथलेटिक्स में दिखा दम:
ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन किया। हनी ने पुरुष भाला फेंक एफ37/38 में 60.49 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता और टी37 वर्ग में विश्व रिकॉर्ड बनाया। डेब्यू करने वाले संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में 52.28 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण जीता और टी44 वर्ग में विश्व रिकॉर्ड कायम किया, जबकि अजय कुमार ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारत ने पुरुष भाला फेंक एफ42-एफ44/एफ61-एफ64 फाइनल में तीनों पदक अपने नाम किए, जिसमें सुमित ने टी64 वर्ग में 72.46 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण, महेंद्र गुर्जर ने रजत और संदीप संजय सरगर ने कांस्य पदक जीता। इसके अलावा प्रणव सूरमा ने पुरुषों की क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में गेम्स-रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण और धरमबीर ने कांस्य पदक हासिल किया। नवदीप सिंह, राकेशभाई भट्ट और संदीप ने भी विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।

पैरा-शूटिंग में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 में 357.5 के स्कोर के साथ विश्व और एशियाई पैरा गेम्स का रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। पैरा-टेबल टेनिस में जेहान डोराब मदान और शुभम वाधवा ने पुरुष युगल क्लास एमडी4 में कांस्य पदक जीता (50 वर्षीय मदान पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी रहे), वहीं पैरा-तैराकी में हिमांशु नांदल ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 में कांस्य पदक हासिल कर खेलों में अपने पदकों की संख्या तीन कर ली। कुल मिलाकर, 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य के साथ 114 पदकों के इस ऐतिहासिक आंकड़े ने एशियाई पैरा गेम्स में भारत की गहरी खेल प्रतिभा और मजबूती को साबित कर दिया है।(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *