(पंचकूला,हरियाणा)27अक्टूबर,2026
गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के फैसले पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 108 (1) के तहत एचईआरसी को निर्देश जारी कर प्रदेश में कहीं भी समानांतर वितरण लाइसेंस को न बनाने, न चालू करने और न ही प्रभावी करने को कहा है। ऊर्जा विभाग द्वारा जारी इस आदेश को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी मिली है।
गौरतलब है कि एचईआरसी ने 19 अक्तूबर 2026 को याचिका संख्या 30/2026 में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड (ईपीपीएल) को गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों में 25 साल के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस दिया था। इन क्षेत्रों में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) पहले से लाइसेंसधारी है। आयोग ने डीएचबीवीएन और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम सहित सभी संबंधित पक्षों से आपत्तियां आमंत्रित करने के बाद यह फैसला लिया था।
सरकार ने जताई जनहित और वित्तीय बोझ की चिंता
सरकार के आदेश में कहा गया है कि वह आयोग के निष्कर्षों की सही-गलत होने की समीक्षा नहीं कर रही है, लेकिन लाइसेंस के उपभोक्ताओं और जनहित पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। आदेश के अनुसार, यह फैसला मौजूदा नीति से अलग है।
सरकार ने तीन प्रमुख आशंकाएं दर्ज की हैं। पहला, अधिक राजस्व वाले औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के चुनिंदा अधिग्रहण (चेरी-पिकिंग) से क्रॉस-सब्सिडी ढांचा बिगड़ेगा। दूसरा, पहले से किए गए बिजली खरीद समझौतों (पीपीए) की देनदारी और वितरण नेटवर्क के दोहराव से मौजूदा निगमों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। तीसरा, लाइसेंस का विरोध करते हुए डीएचबीवीएन ने निजी कंपनी की वित्तीय क्षमता, ऋण चुकाने की विश्वसनीयता और पूरे लाइसेंस क्षेत्र में सभी उपभोक्ताओं को सेवा देने की तकनीकी तैयारी पर सवाल उठाए थे।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि लाइसेंस के बाद आम जनता, किसानों और बिजली निगमों के लगभग 40 हजार कर्मचारियों में असंतोष फैला, जिसके चलते तीन दिन की राज्यव्यापी हड़ताल हुई और कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
दो मोर्चों पर सरकार की तैयारी
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अनुसार, सरकार ने दोहरी रणनीति अपनाई है। धारा 108 के तहत नीति-निर्देश जारी करने के साथ-साथ सरकार अधिनियम की धारा 94 के तहत एचईआरसी में पुनर्विचार याचिका भी दायर करेगी। सरकार के आश्वासन के बाद कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल वापस ले ली है। कर्मचारियों की शेष मांगों पर 3 नवंबर को अगली बैठक प्रस्तावित है।(साभार एजेंसी)
