(रांची,झारखंड)06सितंबर,2026
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन में झारखंड ने जल जीवन मिशन के तहत करीब 6,500 करोड़ रुपये की अपनी बकाया राशि तुरंत जारी करने की मांग की। सम्मेलन में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद और जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन शामिल हुए। पेयजल मंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के समक्ष वित्तीय सहायता और रुकी हुई राशि के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
झारखंड राज्य सरकार के अनुसार, पहाड़ी और जंगलों से घिरे झारखंड में हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। केंद्र से समय पर राशि का बंटवारा न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई महत्वाकांक्षी पेयजल योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। मंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि बकाया राशि का भुगतान जल्द हो जाता है, तो अधूरी योजनाओं को तेजी से पूरा करके राज्य की पूरी ग्रामीण आबादी को 100 फीसदी शुद्ध पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सम्मेलन में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि केवल पाइपलाइन बिछाने के बजाय जल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता पर जोर दिया गया ।(साभार एजेंसी)
